
हाइवे पर किया जाएगा चक्काजाम, किसान के मुद्दों पर कांग्रेस का सरकार पर हमला,खंडवा से खलघाट जाएंगे किसान एवं कांग्रेस कार्यकर्ता
उपज केंद्रों की अव्यवस्था, भुगतान में देरी और एमएसपी पर सवाल; कर्ज माफी व राहत पैकेज की मांग
जिला कांग्रेस प्रभारी डॉ रामकिशोर दोगने ने किया प्रेस को संबोधित
खंडवा।
मध्यप्रदेश में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने 7 मई गुरुवार को मुम्बई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग खलघाट में प्रस्तावित चक्का जाम आंदोलन से पहले राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि प्रदेश में उपज केंद्रों की अव्यवस्था, भुगतान में देरी और समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि खलघाट में आज होने वाले आंदोलन को लेकर जिला कांग्रेस प्रभारी एवं हरदा विधायक रामकिशोर दोगने ने बुधवार को दोपहर 12.30 बजे गांधी भवन में प्रेस वार्ता को संबोधित किया इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह,प्रतिभा रघुवंशी,किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोनु गुर्जर उपस्थित थे।
जिला कांग्रेस प्रभारी एवं हरदा विधायक डॉ रामकिशोर दोगने ने मीडिया को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि उपज केंद्रों पर टोकन सिस्टम पूरी तरह से विफल है, जिसके चलते किसानों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। खुले में रखी फसल खराब होने का खतरा बना रहता है। पार्टी ने इसे “उपज केंद्र नहीं, शोषण केंद्र” करार दिया है।
श्री दोगने ने जेल से रिहा हुए किसान का माला पहनाकर स्वागत किया और उन्होंने कहा की सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही जब किसान अपनी मांग लेकर कलेक्टर जनसुनवाई में जाता है तो उसको गुंडा करार दिया जाकर जेल में डालने का कार्य किया जाता है वो तो धन्य हमारे दोनों जिलाध्यक्ष की तत्परता से किसान की रिहाई हो गई। श्री दोगने ने दोनों अध्यक्षों का धन्यवाद प्रेषित करते हुए आभार व्यक्त किया। श्री दोगने ने स्पष्ट करा की जनसुनवाई में किसान के साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
“एमएसपी और भुगतान पर सवाल”
कांग्रेस का दावा है कि सरकार द्वारा घोषित एमएसपी और वास्तविक भुगतान में अंतर है। 2700 रुपये प्रति क्विंटल के वादे के बावजूद खरीद कम दरों पर शुरू होने का आरोप लगाया गया है। साथ ही गेहूं और सोयाबीन का भुगतान समय पर नहीं होने से किसान आर्थिक संकट में फंस रहे हैं।
कर्ज और राहत का मुद्दा गरमाया।
श्री दोगने ने आरोप लगाया कि किसानों के लिए कर्ज माफी का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है और बीमा व आपदा मुआवजा भी अटका हुआ है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
“खाद और संसाधनों की कमी”
किसानों को डीएपी, यूरिया और जूट बैग जैसी जरूरी सामग्री की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या सरकार खरीद के लिए पर्याप्त तैयारी कर पाई है।
“नरवाई और प्रशासनिक कार्रवाई पर आपत्ति”
नरवाई प्रबंधन को लेकर सख्त नियमों और सीधे केस दर्ज करने की कार्रवाई पर भी पार्टी ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस का कहना है कि किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
“कांग्रेस की प्रमुख मांगें”
प्रेसवार्ता के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें भावांतर और लंबित भुगतान का पूरा निपटारा, एमएसपी पर गारंटीड खरीद, 7 दिनों में भुगतान की कानूनी गारंटी, उपज केंद्रों की संख्या और क्षमता बढ़ाना, खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना और कर्ज माफी का स्पष्ट रोडमैप शामिल है।
आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 7 मई को प्रदेशभर में चक्का जाम कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। पार्टी का कहना है कि यह सिर्फ आंदोलन नहीं बल्कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई है।प्रदेश में किसान मुद्दों पर बढ़ते असंतोष के बीच आगामी आंदोलन को लेकर प्रशासन सतर्क है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार इन आरोपों और मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
इस अवसर जिला कांग्रेस प्रभारी हरदा विधायक डॉ रामकिशोर दोगने के साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर)प्रतिभा रघुवंशी, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोनु गुर्जर,दीपक मुल्लू राठौर,विकास व्यास,विशाल जैन,मनोज मंडलोई,यशवंत सिलावट,प्रेमांशु जैन,शब्बीर कादरी,नासिर खान,असलम गौरी,रियासत खान,दिव्यांश ओझा,यशवंत सिलावट,नासिर खान,मोइज खान,अय्यूब लाला,अयान सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।





