
अक्षय तृतीया के दिन आचार्य विभवसागर जी ससंघ का हुआ खण्डवा मैं मंगल आगमन।
मनुष्य जीवन का वास्तविक उपदेश आत्म शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति है, जिसे सत्य हिंसा तप के मार्ग पर चलकर ही हासिल किया जा सकता है, “आचार्य श्री विभव सागर”
खंडवा। पूज्य आचार्य 108 श्री विभवसागर जी ससंघ(10 पीछी) का खण्डवा नगर में मंगल आगमन अक्षय तृतीया के पावन दिवस रविवार सुबह 7 बजे मानसिंग मिल चौराहे से हुआ। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि रविवार को प्रातः 5:30 बजे आचार्य संघ कोरगला से 8 किमी का विहार कर प्रातः 7 बजे खण्डवा पहुँचें। मंगल प्रवेश शोभायात्रा मानसिंग मिल चौराहे से भगतसिंग चौक होते हुए श्री महावीर जैन मन्दिर घासपुरा पहुँची जहा मुनि संघ ने नवीन विराजित जिन प्रतिमाओं के दर्शन किये जिसके बाद बजरंग चौक, घण्टाघर होते हुए सराफा स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर मन्दिर होते हुए पोरवाड़ दिगम्बर जैन धर्मशाला पहुचें।जहां आचार्य संघ के मंगल प्रवचन हुए। प्रचार मंत्री सुनील जैन, प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि आहारचर्या प्रातः 9:30 बजे संपन्न हुई अक्षय तृतीया के दिन आहार कराने का सौभाग्य श्रीमती शानू -योगेंद्र जैन,श्रीमती श्रद्धा -मनीष, श्रीमती करिश्मा -आनंद जैन,प्रेमांशु पुष्पेंद्र जैन,प्रवीण रोशनी बैनाडा,श्रीमती सुषमा प्रमोद जैन,श्रीमती प्रेरणा आशीष जैन को प्राप्त हुआ।
पंकज सेठी ने बताया कि पवित्र पर्व अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर जैन आचार्य विभवसागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, संयम और सेवा का संदेश देते हुए सारगर्भित प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि यह दिवस अनंत पुण्य प्राप्ति का प्रतीक है, इसलिए इस दिन किए गए अच्छे कर्मों का फल अक्षय (कभी समाप्त न होने वाला) होता है।
आचार्य श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मशुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति है, जिसे सत्य, अहिंसा, त्याग और तप के मार्ग पर चलकर ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में भौतिक सुखों की दौड़ में व्यक्ति अपने मूल धर्म और संस्कारों से दूर होता जा रहा है, ऐसे में अक्षय तृतीया जैसे पर्व हमें आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से दान और सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दिन जरूरतमंदों की सहायता, अन्न-जल का दान और जीवों के प्रति करुणा भाव रखना अत्यंत पुण्यकारी होता है। साथ ही उन्होंने सभी को लोभ, क्रोध और अहंकार से दूर रहकर सादगीपूर्ण जीवन अपनाने की प्रेरणा दी। के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और धर्म लाभ अर्जित किया। सुनील जैन ने बताया कि आचार्य श्री संघ सहित सराफा स्थित जैन धर्मशाला में विराजमान है, प्रतिदिन प्रात 8:30 बजे से प्रवचन 9:30 बजे आहार विधि, दोपहर 4:00 बजे धार्मिक कक्षा शाम 6:00 बजे गुरु भक्ति आरती आ। मुनि सेवा समिति के अध्यक्ष विजय सेठी ,अविनाश जैन पंकज जैन महल ने सभी सामाजिक बंधुओ से आचार्य संघ के कार्यक्रमों में उपस्थित होकर पुण्य लाभ लेने का अनुरोध किया










