
*दैनिक होम कम्पोस्टिंग को बढ़ावा देने हेतु IEC टीम का डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान*
खण्डवा//नगर पालिक निगम खंडवा की IEC टीम द्वारा शहर में दैनिक होम कम्पोस्टिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निरंतर डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जहां नागरिक विशेषकर महिलाएं अपने घरों में गीले कचरे से खाद तैयार कर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
*होम कम्पोस्टिंग अपनाने वाली प्रमुख नागरिक*
घर पर गीले कचरे से खाद बनाने हेतु निम्नलिखित नागरिकों द्वारा सराहनीय पहल की गई है—
1. संतोष कन्नौज
2. ओ. पी. पाराशर
3. कुसुम तिवारी
4. संध्या पांडे
5. जानकी अग्रवाल
6. दीपिका वर्मा
7. मीनाक्षी भावसार
8. अर्चना राजपूत
9. संजय अत्रे
10. प्रीति अग्रवाल

*होम कम्पोस्टिंग के प्रमुख लाभ*
• कचरा प्रबंधन में कमी – गीले कचरे का स्थानीय स्तर पर निपटान होने से लैंडफिल पर दबाव कम होता है।
• जैविक खाद की प्राप्ति – तैयार खाद का उपयोग घर के बगीचे/पौधों में किया जा सकता है।
• पर्यावरण संरक्षण – ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आती है।
• स्वच्छता में सुधार – घर एवं आसपास गंदगी एवं दुर्गंध में कमी आती है।
• आर्थिक बचत – रासायनिक खाद पर होने वाला व्यय कम होता है।
*होम कम्पोस्टिंग की सरल विधि*
नागरिक निम्न आसान तरीकों से घर पर ही कम्पोस्टिंग कर सकते हैं—
1. डिब्बा/कम्पोस्ट पॉट का उपयोग –
एक ढक्कनयुक्त डिब्बा या कम्पोस्ट पॉट लें, जिसमें छोटे-छोटे छेद हों।
2. गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण –
रसोई से निकलने वाला गीला कचरा (सब्जियों के छिलके, बचा भोजन आदि) अलग रखें।
3. लेयरिंग प्रक्रिया –
डिब्बे में पहले सूखा कचरा (सूखी पत्तियां/कागज) डालें, फिर गीला कचरा डालकर पुनः सूखी परत डालें।
4. नियमित मिलाना (Mixing) –
हर 2-3 दिन में सामग्री को हिलाएं ताकि हवा का संचार बना रहे।
5. नमी बनाए रखें –
सामग्री में हल्की नमी बनी रहनी चाहिए, अत्यधिक पानी न डालें।
6. खाद तैयार होना –
लगभग 30-45 दिनों में जैविक खाद तैयार हो जाती है, जिसका उपयोग पौधों में किया जा सकता है।
*नागरिकों से अपील*
नगर पालिक निगम खंडवा समस्त नागरिकों से अपील करता है कि वे भी होम कम्पोस्टिंग को अपनाकर शहर को स्वच्छ एवं हरित बनाने में अपना योगदान दें। यह एक सरल, प्रभावी एवं पर्यावरण हितैषी पहल है, जिसे प्रत्येक घर में आसानी से अपनाया जा सकता है।









