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प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस में 28 राज्यों की संस्कृति पर केन्द्रित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ वार्षिक स्नेह सम्मेलन का समापन।

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प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस में 28 राज्यों की संस्कृति पर केन्द्रित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ वार्षिक स्नेह सम्मेलन का समापन।

खेत में किसान, सीमा पर जवान और कक्षा में विद्यार्थी की भूमिका महत्वपूर्ण है, ,,विधायक कंचन तंवे,,

नींव जीतनी मजबूत होगी इमारत उतनी ही सशक्त होगी, ,महापौर अमृता यादव,

खंडवा। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, श्री नीलकंठेश्वर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का तीन दिवसीय वार्षिक स्नेह सम्मेलन का समापन मुख्य अतिथि खंडवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे, विशिष्ट अतिथि खंडवा महापौर श्रीमती अमृता यादव, सेवादास पटेल एवं संस्था प्राचार्य डॉ सोमपाल सिंह की अध्यक्षता में गरिमामयी वातावरण में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि स्वागत वक्तव्य वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ जी पी दावरे ने दिया। अतिथियों का सत्कार भारतीय परंपरा का निर्वाह करते हुए चंदन तिलक एवं अंगवस्त्र से किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीमती कंचन मुकेश तनवे ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेत में किसान, सीमा पर जवान और कक्षा में विद्यार्थी की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी अपना लक्ष्य निर्धारित करें और अच्छा अध्ययन की गुरु दक्षिणा अपने शिक्षकों को भेंट करें। विशिष्ट अतिथि श्रीमती अमृता अमर यादव ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्नेह सम्मेलन शिक्षा एवं मनोरंजन का अद्भुत संयोजन है। याद रखिए नींव जितनी मजबूत होगी, इमारत उतनी ही बड़ी और सशक्त होगी। विद्यार्थी जीवन की नींव पर भविष्य का निर्माण होगा, तभी हमारा भारत देश महान एवं विकसित राष्ट्र बनेगा। सेवा अध्यक्ष पटेल ने विद्यार्थियों को समझाया कि जीवन में शिक्षा महत्वपूर्ण है, नंबर नहीं। नंबर जीवन से बढ़कर नहीं है। अध्यक्षीय उद्बोधन संस्था प्राचार्य डॉ सोमपाल सिंह ने प्रस्तुत किया। स्नेह सम्मेलन प्रभारी डॉ कुलदीप सिंह फरे ने बताया कि स्नेह सम्मेलन के अंतिम दिवस भारतीय ज्ञान परंपरा की वृहत् परंपरा से विद्यार्थियों को परिचित कराने के उद्देश्य से “भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं परिधान” थीम पर भारत के प्रमुख 28 राज्यों की संस्कृति पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ अर्चना मोरे के निर्देशन में किया गया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि परंपरानुसार इस वर्ष भी चंद्रा पाठक स्मृति सुगम संगीत गायन प्रतियोगिता का आयोजन डॉ शुची गुप्ता एवं डॉ मीना साल्वे के निर्देशन में किया गया, जिसमें बतौर निर्णायक श्रीमती संगीता गंगराडे, सुश्री तोरल बक्शी उपस्थित रहे। पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह में विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक, कलात्मक प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार अतिथियों द्वारा प्रदान किए गए। इसके अलावा महाविद्यालय के विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त विद्यार्थियों, प्रावीण्य सूची में प्राप्त स्थान प्राप्त मेधावी विद्यार्थियों, एनसीसी, एनएसएस, खेल कूद गतिविधियों, रेड क्रॉस, रेड रिबन, भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त विद्यार्थियों को भी अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ दिव्या त्रिवेदी ने किया तथा आभार डॉ तुलसीराम ब्राह्मणे ने व्यक्त किया।

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