ताज़ा ख़बरेंमध्यप्रदेश

India Book of Records में दर्ज हुआ जिला डिंडौरी का नाम

✨डिंडौरी जिले ने रचा इतिहास

✨डिंडौरी जिले ने रचा इतिहास

  1. 🔸एक ही दिन में 48 हजार से अधिक बालिकाओं एवं महिलाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण
    ➡️ Asia Book of Records एवं India Book of Records में दर्ज हुआ जिला डिंडौरी का नाम
    ➡️ कन्या शिक्षा परिसर रयपुरा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई रिकॉर्ड उपलब्धि की जानकारी

===============

जिला डिंडौरी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत संचालित नवाचार “Sugadh Toori – Aaj Swasth, Kal Sashakt” अभियान के तहत जिले में एक ही दिन में 48,000 से अधिक बालिकाओं एवं महिलाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया। इस उपलब्धि के साथ जिला प्रशासन डिंडौरी ने Asia Book of Records एवं India Book of Records—दोनों में अपना नाम दर्ज कराया।

यह उल्लेखनीय है कि जिले के नो-नेटवर्क क्षेत्रों में किए गए परीक्षणों का डिजिटल डाटा अभी अपलोड होना शेष है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार कुल हीमोग्लोबिन परीक्षणों की संख्या 50,000 से अधिक रही है, जिससे यह उपलब्धि और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

 

जिला प्रशासन के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग के समन्वय से सफल अभियान

यह व्यापक एनीमिया जांच अभियान जिले के 620 विद्यालयों एवं 9 महाविद्यालयों में आयोजित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों एवं महिलाओं में एनीमिया की समय पर पहचान, पोषण स्तर में सुधार तथा दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण के माध्यम से उनके समग्र सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा।
अभियान में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, जनजातीय कार्य विभाग की सक्रिय एवं समन्वित सहभागिता रही। बालिकाओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने हीमोग्लोबिन स्तर की जानकारी प्राप्त की, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा करने हेतु कन्या शिक्षा परिसर, रयपुरा (डिंडौरी) में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि यह रिकॉर्ड केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि जिले की बालिकाओं एवं महिलाओं के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसे समय पर जांच, जागरूकता एवं पोषण प्रबंधन के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। डिंडौरी जिले ने यह सिद्ध कर दिया है कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार, समर्पण और मजबूत प्रशासनिक समन्वय से असाधारण उपलब्धियां प्राप्त की जा सकती हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में Asia Book of Records एवं India Book of Records की ओर से उपस्थित श्री भानु प्रताप सिंह ने रिकॉर्ड का औपचारिक सत्यापन किया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में हीमोग्लोबिन परीक्षण करना एक असाधारण उपलब्धि है। उन्होंने जिला प्रशासन डिंडौरी को बधाई देते हुए कहा कि यह रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रोटोकॉल के अनुरूप प्रमाणित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि Asia Book of Records एवं India Book of Records—दोनों ही RNI (Registrar of Newspapers for India), भारत सरकार में पंजीकृत प्रतिष्ठित संस्थाएँ हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री दिव्यांशु चौधरी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत), श्री ऐश्वर्य वर्मा अनुविभागीय अधिकारी शहपुरा, सुश्री भारती मेरावी अनुविभागीय अधिकारी डिंडौरी, श्री रामबाबू देवांगन अनुविभागीय अधिकारी बजाग, डॉ. मनोज पांडे जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, श्री श्याम सिंगौर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री चेतराम अहिरवार, समस्त जिला अधिकारीगण एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस विशेष कार्य में जनसंपर्क विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!