
*अपनी किताबों की सौगात लिए विश्व पुस्तक मेले नई दिल्ली में शिरकत करेंगे विनय उपाध्याय*
खंडवा। जाने-माने कला समीक्षक, सम्पादक तथा उद्घोषक विनय उपाध्याय अपनी महत्वपूर्ण
साहित्यिक-सांस्कृतिक कृतियों की सौगात लिए नई दिल्ली में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में शिरकत करेंगे। शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 10 जनवरी से 19 जनवरी के बीच यह विशाल आयोजन होगा। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि दिल्ली में आयोजित मेले में विनय उपाध्याय द्वारा रचित और संपादित एक दर्जन से भी अधिक किताबें उपलब्ध रहेंगी। हाल ही विनय के संपादन में प्रख्यात लोक गायिका पदमश्री मालिनी अवस्थी की संगीत यात्रा पर एकाग्र मोनोग्राफ “धरती का छंद गाती आवाज़” तथा सांस्कृतिक वार्ता “लोक का आलोक” का प्रकाशन हुआ है। ये दोनों कृतियां विश्व पुस्तक मेले में लोकार्पित होंगी। सुनील जैन ने बताया की उल्लेखनीय है कि खंडवा विनय का गृह नगर रहा है। इस बीच विनय की पुस्तकें ‘सफ़ह पर आवाज़’, ‘कला की छाँव’ और ‘कुछ दस्तकें, कुछ दस्तख़त’ बहुचर्चित हुई है। पुस्तक मेले के हॉल नंबर-दो, स्टॉल नंबर- एन-02 में आईसेक्ट पब्लिकेशन के बैनर परिसर में लेखकीय संवाद के लिए विनय उपाध्याय उपस्थित रहेंगे। संपूर्ण निमाड़ के लिए यह एक और बड़ी बौद्धिक उपलब्धि है।
आईसेक्ट प्रकाशन से छपी विनय उपाध्याय की ये किताबें कला, संस्कृति, साहित्य की विधाओं और विभूतियों से नया परिचय कराते हुए आस्वाद तथा रसिकता का परिवेश तैयार करती हैं। साहित्य अकादेमी द्वारा उनकी पुरस्कृत किताब ‘सफ़ह पर आवाज़’ तथा गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अनुशंसित ‘कला की छाँव’ को पाठकों से मिले बेहतर प्रतिसाद के बाद संस्कृति और कलाओं पर केन्द्रित अनेक महत्वपूर्ण प्रकल्पों में इन दिनों विनय उपाध्याय सक्रिय हैं। वे टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक और सांस्कृतिक पत्रिका ‘रंग संवाद’ के संपादक हैं। उन्हें राष्ट्रीय और प्रादेशिक सम्मानों से विभूषित किया गया है। गौरतलब है कि नई दिल्ली के प्रगति मैदान में हो रहे किताबों के वैश्विक कुंभ में भारत के अग्रणी प्रकाशकों के साथ ही अन्य देशों के बहुभाषी प्रकाशन संस्थानों की व्यापक भागीदारी हो रही है।









