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चल रहे दीपावली महोत्सव के दौरान उत्साह के साथ धनतेरस पर्व मनाया गया घर-घर हुई पूजा।

नगर के प्रमुख बाजार हुए दीपावली पर्व पर गुलजार

चल रहे दीपावली महोत्सव के दौरान उत्साह के साथ धनतेरस पर्व मनाया गया घर-घर हुई पूजा।

नगर के प्रमुख बाजार हुए दीपावली पर्व पर गुलजार
धनतेरस पर रही बाजार में भीड़।
छोटी दिवाली के साथ रूप चौदस आज मनाई जाएगी।

खंडवा। त्यौहार हमारे सुख और हर्षोल्लास के प्रतीक हैं जो परिस्थिति के अनुसार अपने रंग-रूप और आकार मे भिन्न होते है। त्योहार मनाने के विधि-विधान भी भिन्न हो सकते हैं। किंतु इनका अभिप्राय पुण्य की प्राप्ति या किसी विशिष्ट आस्था का संरक्षण होता है। सभी त्योहारों से कोई न कोई किवंदती अवश्य जुड़ी हुई है। इनका संबंध आस्था से होता है। समाज सेवी सुनील जैन ने बताया कि त्यौहारों की इन्हीं कड़ी में आता है। दीपावली महोत्सव जिसका भारतवर्ष में मनाए जाने वाले सभी त्योहारों में दीपावली का सामाजिक और धार्मिक दोनों ही दृष्टि से अत्याधिक महत्व है। नगर में दीपावली को लेकर काफी उत्साह है और महंगाई के इस दौर में भी गरीब से अमीर तक अपने आर्थिक बजट के अनुसार बाजारों में निकलकर खरीददारी कर रहा है। दीपावली पर्व की धनतेरस को लेकर घंटाघर, बांबे बाजार में बड़ी रौनक देखी गई। बड़ी संख्या में दीपावली की लोग खरीददारी कर रहे हैं। धनतेरस के दिन सुबह से रात्रि तक घंटाघर क्षेत्र मुंबई बाजार आउट टाउन हॉल पर दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। घंटाघर के फुटपाथ पर मिट्टी के दिए, झाड़ू, ढाणी की दुकानों से लेकर सराफा बाजार, बरतन बाजार, कपड़ा बाजार,रेडीमेड बाजार, किराणा, मिठाई दुकान के साथ फोर व्हीलर और टू व्हीलर दुकानों पर भी भारी भारी भीड़ रही और लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार खरीदी की। दीपावली की कृष्णपक्ष की रूपचौदस का अलग महत्व है जिसका आज भी महिलाएं पालन करती है और इस दिन स्वयं को अपने घरों को संवारने का काम करती है। दीपावली के एक दिन पूर्व आने वाली रूप चौदस रविवार को मनाई जाएगी जीसे छोटी दिवाली भी कहते हैं। मान्यता है कि रूप चौदस पर इस दिन घर व घर की लक्ष्मी कहीं जाने वाली गृहणी जितनी स्वच्छ रहती है तो उनके घर उतनी ही लक्ष्मी आती है।

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