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*शिक्षक ही हैं व्यक्तित्व, संस्कृति और राष्ट्र के निर्माता*

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*शिक्षक ही हैं व्यक्तित्व, संस्कृति और राष्ट्र के निर्माता*

खंडवा। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर बोरगांव खुर्द के निजी विद्यालय में शिक्षक दिवस एवं शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि कार्यक्रम में महान दार्शनिक, शिक्षाविद और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके शिक्षा-दर्शन को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।मुख्य अतिथि न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि “डॉ. राधाकृष्णन मानते थे कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। शिक्षक ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कृति और राष्ट्र के निर्माता होते हैं। गुरु के बिना जीवन की कल्पना अधूरी है।”विशेष अतिथि लायंस इंटरनेशनल की लियो डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन लायन हर्षा शर्मा ने कहा कि “डॉ. राधाकृष्णन का जीवन इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा ही समाज को दिशा और शक्ति देती है। शिक्षक सच्चे पथप्रदर्शक होते हैं।”इस अवसर पर प्रवीण शर्मा ने शिक्षिकाओं कीर्ति पटेल, भारती मुहारे, सानिया खान, सादिया खान, हेमा पटेल और श्वेता चन्द्रे को सम्मानित किया। सम्मान पाकर शिक्षकों ने शिक्षा के प्रति और अधिक समर्पण का संकल्प लिया।कार्यक्रम का संचालन भारती मुहारे ने किया तथा आभार सादिया खान ने व्यक्त किया।

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