
146वें नाम सप्ताह उत्सव की तैयारियां पूर्ण, 23 जुलाई से गूंजेंगे विठ्ठल नाम के भजन

30 जुलाई तक सात दिन चलेगा अखंड नाम संकीर्तन, गुरुपूर्णिमा पर गुरु पादुका पूजन और पालखी यात्रा होगी आकर्षण का केंद्र।
खंडवा। शहर के अति प्राचीन श्री विठ्ठल मंदिर में आयोजित होने वाला 146वां पारंपरिक नाम सप्ताह उत्सव इस वर्ष 23 जुलाई से 30 जुलाई तक श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। वर्ष 1882 से निरंतर आयोजित हो रहा यह सात दिवसीय उत्सव बिना किसी व्यवधान के आज भी अपनी परंपरा को कायम रखे हुए है।समाजसेवी सुनील जैन ने
बताया की उत्सव की शुरुआत से पूर्व भगवान श्री विठ्ठल, माता रुक्मिणी, गुरु दत्तात्रेय एवं श्री गुरु महाराज को पत्रिका अर्पित कर निमंत्रण दिया गया। साथ ही ध्वज पूजन एवं भंडार पूजन की परंपरा भी विधिवत संपन्न हुई। उत्सव के लिए मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया गया है। उत्सव का शुभारंभ आज 23 जुलाई, गुरुवार को सुबह 6:30 बजे काकड़ आरती के साथ होगा। सातों दिन 24 घंटे अखंड नाम संकीर्तन एवं भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी, 29 जुलाई को गुरुपूर्णिमा पर गुरु पादुका पूजन तथा 30 जुलाई को भगवान विठ्ठल की भव्य पालखी यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से भजन-कीर्तन के साथ निकाली जाएगी। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि देश का यह पहला प्राचीन विट्ठल मंदिर है जहां नाम सप्ताह उत्सव के तहत 7 दिनों तक अखंड अलग-अलग मंडलों द्वारा भजनो की प्रस्तुति श्री विट्ठल भगवान के समक्ष दी जाती है, बड़े उत्साह के साथ श्रद्धालु उपस्थित होकर भजनों का आनंद लेते हैं। उत्सव में सत्य साईं समिति, अथर्वशीर्ष भजन मंडल, विष्णु सहस्रनाम मंडल, विठ्ठल मंदिर महिला भजन मंडल, रामायण मंडल, हरे राम मंडल, कसेरा समाज, गुरव समाज, प्रजापत समाज, यादव समाज, पासी समाज, हरि भक्त (मराठा समाज) भजन मंडल, बालाजी भजन मंडल, दादाजी भजन मंडल, मां भगवती जागरण मंडल सहित अनेक महिला एवं सामाजिक भजन मंडलियां अपनी प्रस्तुतियां देंगी।
मंदिर समिति जय राम, श्याम आष्टेकर ने सभी श्रद्धालुओं एवं भजन मंडलियों से उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर 146 वर्ष पुरानी इस धार्मिक परंपरा को सफल बनाने की अपील की है।












