
*देश की आन बान और शान के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज दिवस पर सामूहिक रूप से गाया ध्वज गान*
खंडवा। सद्भावना मंच द्वारा राष्ट्रीय ध्वज दिवस पर कार्यक्रम आयोजित कर सामूहिक रूप से ध्वज गान विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊचा रहे हमारा गाकर राष्ट्रीय ध्वज को नमन किया गया। यह जानकारी देते हुए मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि वैसे तो सद्भावना मंच लगातार विभिन्न राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय दिवस तथा महापुरुषों की जयंती मनाते आया है। राष्ट्रीय ध्वज दिवस के अवसर पर मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने कहा कि 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने पहली बार तिरंगे को स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया था। इसीलिए भारत देश में हर साल 22 जुलाई को राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर सदभावना मंच सदस्यों द्वारा देश की संप्रभुता, अखंडता और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद राष्ट्रीय तिरंगे के सम्मान में विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊचा रहे हमारा गान गाकर नमन किया गया। राष्ट्रीय ध्वज सम्मान और एकता का प्रतीक माना गया है। तिरंगे का महत्व यह नागरिकों को हमारे राष्ट्रीय मूल्यों, केसरिया (साहस और बलिदान), सफेद (शांति और सत्य), हरा (समृद्धि) और अशोक चक्र (धर्म और प्रगति) का सम्मान करने के लिए प्रेरित करता है। इस मौके पर मंच संस्थापक प्रमोद जैन, सुरेंद्र गीते, ओम पिल्लै, विजया द्विवेदी, ज्योति ठाकुर , सीमा जोशी, सुनील सोमानी, पं. गोपाल भारद्वाज, त्रिलोक चौधरी, अजय मंडलोई, कैलाश शर्मा, गणेश भावसार, निर्मल मंगवानी, नारायण फरकले, पीसी इंगले, सचिन जोशी, दीलिप गंगराड़े, धीरज नैगी, मनोज जोशी, संतोष सोनी, राजेश पोरपंथ, महेश मूलचंदानी, संजय गंदले, सतीष मुदीराज, नीतिन मुदलियार, एनके दवे, सुभाष मीणा, राधेश्याम शाक्य, कैलाश पटेल आदि सदस्यों ने पार्श्व गायक मुकेश चन्द्र माथुर के गीतों को कराओके पर गाकर याद किया गया। इस अवसर पर अनेक सदस्यों द्वारा कराओके पर देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दी गई।












