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कोठा बुजुर्ग में दिया गया प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण

खरगोन / अनिल बिलवे:– कोठा बुजुर्ग में दिया गया प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण

 

 

खरगोन जिले के विकासखण्ड झिरन्या के ग्राम कोठा बुजुर्ग में प्राकृतिक खेती पर जागरुकता कार्यक्रम एवं क्लस्टर निर्माण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम परियोजना संचालक आत्मा श्री एम.एस. कनाश ने किसानो को बताया कि खेत में रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक का प्रयोग कर लोग बीमार हो रहे है। जिससे क्षेत्र में नई-नई गंभीर बीमारी हो रही है। कैंसर, हार्ट अटैक, शुगर के मरीज बढ रहे है। यह रासायनिक उत्पाद का अधिक प्रयोग के कुप्रभाव के कारण हो रहा है। इसलिए हमें आज प्राकृतिक खेती अपनाने की आवश्यकता है। प्राकृतिक खेती में रासायनिक खाद एवं कीटनाशक का उपयोग नहीं करके इसमें स्वयं द्वारा निर्मित जैविक विधि द्वारा खाद एवं कीटनाशक तैयार कर खेती की जाती है। जिससे की गुणवत्ता युक्त आनाज सब्जी, फल का उत्पादन होता है एवं उत्पादकता में वृद्धि होती है।

 

उप संचालक कृषि श्री एम.एस. सोलंकी द्वारा बताया गया कि प्राकृतिक खेती प्राचीन पद्धति है। इसमें रासायनिक उर्वरक व कीटनाशक का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसमें गोबर की खाद, फसल अवशेष, जीवामृत खाद द्वारा पौधों को पोषक तत्व दिये जाते है। जैविक कीटनाशक, नीम तेल, नीमास्त्र, ब्राम्हास्त्र द्वारा फसलांे को हानिकारक कीटों एवं रोगों से बचाया जाता है। डॉ. मना सोलंकी उप परियोजना संचालक आत्मा द्वारा किसानो से अपील की है कि प्राकृतिक खेती ज्यादा से ज्यादा करे एवं क्लस्टर निर्माण में सहयोग करे। कार्यक्रम के बाद गांव में आत्मा नवाचार अंतर्गत स्ट्रॉबेरी की खेती, सोलर पम्प एवं मक्का की फसल का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर बीटीएम श्री अनिल नामदेव एवं कृषक उपस्थित थे।

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