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शासकीय आदर्श महाविद्यालय झाबुआ में भारतीय शिक्षा दिवस पर हुआ प्रेरक कार्यक्रम

शिक्षा ही व्यक्तित्व विकास और संस्कारों का आधार : प्रो. पी. के. उछावर

रिपोर्टर = भव्य जैन

झाबुआ। उच्च शिक्षा विभाग एवं मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार दिलीप सिंह भूरिया शासकीय आदर्श महाविद्यालय, झाबुआ में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय शिक्षा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पी. के. उछावर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. पी. के. उछावर ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है, जिसके द्वारा विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास होता है। शिक्षा केवल ज्ञान ही नहीं देती, बल्कि संस्कार, अनुशासन और जीवन जीने की सही कला भी सिखाती है।

महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. दिलीप परसेंडिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा व्यक्ति को योग्य एवं आत्मनिर्भर बनाती है तथा उसके भीतर छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें निखारने का कार्य करती है।

डॉ. पूजा बघेल ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से जीवन में नई उपलब्धियाँ प्राप्त की जा सकती हैं। शिक्षा अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर जीवन को ज्ञान और सफलता के प्रकाश से आलोकित करती है।

कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम प्रभारी प्रो. मुकेश बघेल ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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