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दादाजी महाराज के आशीर्वाद एवं इच्छा अनुसार संगमरमर का मंदिर निर्माण शुरू।

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दादाजी महाराज के आशीर्वाद एवं इच्छा अनुसार संगमरमर का मंदिर निर्माण शुरू।

श्री दादाजी मंदिर निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, गुणवत्ता के साथ तेजी से हो रहा फाउंडेशन का कार्य।

ट्रस्ट मंडल एवं मंदिर निर्माण समिति के सदस्य सक्रियता के साथ निर्माण कार्य में दे रहे हैं सहयोग।

नक्काशी किया हुआ तैयार संगमरमर का पिलर रविवार मकराना से रवाना हुआ।

खंडवा। वर्षों बाद ही सही लेकिन दादाजी महाराज के आशीर्वाद व इच्छा के अनुसार दादाजी धाम पर मंदिर निर्माण शुरू हो चुका है। शहर की आस्था के प्रमुख केंद्र श्री दादाजी धूनीवाले मंदिर के भव्य निर्माण कार्य ने अब गति पकड़ ली है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि दादा जी महाराज के लिए जैसे की कहावत है करने वाले दादाजी, करवाने वाले दादाजी, के अनुरूप श्री दादाजी मंदिर निर्माण समिति की नियमित मॉनिटरिंग, तकनीकी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और सभी सदस्यों के समन्वित प्रयासों से मंदिर के फाउंडेशन निर्माण का कार्य गुणवत्तापूर्वक एवं तेजी से किया जा रहा है। निर्माण समिति द्वारा प्रत्येक माह कार्य की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। विगत दिनों समिति सदस्यों ने मकराना जाकर मार्बल को पसंद किया था, चार संगमरमर व्यसायीओ से नक्काशी किए हुए एक पिलर तैयार करने का आर्डर दिया था। जिसके तहत एक व्यापारी द्वारा नक्काशी कर पिलर तैयार किया गया है, जो रविवार रवाना होकर मंगलवार बुधवार तक खंडवा पहुंचेगा। मंदिर निर्माण को लेकर जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर दादाजी मंदिर निर्माण कार्य को गति दे रहे हैं। और पूरी टीम इस कार्य में सक्रियता के साथ लगी है।समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि मंदिर निर्माण समिति में सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, कलेक्टर ऋषव कुमार गुप्ता, विधायक कंचन मुकेश तनवे, महापौर अमृता अमर यादव, संत विवेकानंद पुरी महाराज, स्वामी उत्तम स्वामी, मंदिर के ट्रस्टी एवं निर्माण समिति के सदस्य धर्मेंद्र बजाज, शांतनु दीक्षित, राकेश बंसल, सतीश कोटवाले, मदन भाऊ, भरत झवर, गणेश कानड़े सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। समिति द्वारा नियमित बैठकों में निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की जाती है तथा आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक निर्णय लेकर कार्य में तेजी लाई जा रही है।
दादाजी धाम से जुड़े रोचक नागौरी और अखिलेश गुप्ता भी इस पुनीत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों निर्माण कार्य के समन्वय और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में निरंतर सहयोग प्रदान कर रहे हैं। दादाजी भक्त सुनील जैन ने बताया कि समिति का उद्देश्य है कि मंदिर निर्माण केवल भव्य ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता की दृष्टि से भी उत्कृष्ट हो, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह श्रद्धा और आस्था का स्थायी केंद्र बन सके।
निर्माण स्थल पर इंजीनियर राजेंद्र तिवारी एवं सतीश कोटवाले प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक मौजूद रहकर कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और प्रगति की निगरानी कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में निर्माण कार्य पूरी सावधानी और इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। निर्माण के प्रत्येक चरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे किसी प्रकार की तकनीकी कमी न रहे।
खंडवा से बाहर रहकर भी कई विशेषज्ञ इस परियोजना को तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इनमें आर्किटेक्ट वीरेंद्र त्रिवेदी, अहमदाबाद के भावसार, इंदौर के नितिन श्रीमाली एवं प्रतीक गुप्ता, ओमप्रकाश कोचले तथा संजय कुमार भोपेश्वर प्रमुख हैं। ये सभी विशेषज्ञ समय-समय पर अपने अनुभव और सुझावों के माध्यम से मंदिर निर्माण कार्य को दिशा दे रहे हैं।
इसके अतिरिक्त हिमांशु अग्रवाल, धीरज मेंदीरत्ता, महीप पाठक, राकेश थापक सहित निर्माण समिति के सभी सदस्य अपने-अपने स्तर पर सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। सभी के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि मंदिर निर्माण कार्य निरंतर गति से आगे बढ़ रहा है। समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग, संतों के आशीर्वाद और जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन से यह बहुप्रतीक्षित परियोजना तेजी से साकार हो रही है।
समिति के अनुसार फाउंडेशन निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर है। निर्माण की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता किए बिना कार्य को निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है। समिति ने विश्वास व्यक्त किया है कि सभी के सहयोग से श्री दादाजी मंदिर का भव्य स्वरूप शीघ्र ही श्रद्धालुओं के सामने होगा और यह मंदिर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

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