
खंडवा को संभाग मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन
भाजपा के विधायक और सांसद की इच्छाशक्ति में कमी है जो कि चीजें खंडवा के हिस्से की थीं, वो दूसरे शहरों की ओर जा रही हैं “प्रतिभा रघुवंशी”
खंडवा/
प्रस्तावित निमाड़ संभाग का मुख्यालय खंडवा को बनाए जाने की मांग को लेकर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुचकर कलेक्टर से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन एवं प्रशासनिक सुधार आयोग से खंडवा को ही संभागीय मुख्यालय घोषित करने का आग्रह किया गया।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने तर्क दिया कि खंडवा भौगोलिक दृष्टि से निमाड़ क्षेत्र का सबसे उपयुक्त और केंद्रीय शहर है। यह दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग का प्रमुख जंक्शन होने के साथ ही इटारसी-भुसावल रेल लाइन से जुड़ा है तथा चौथी रेल लाइन परियोजना के बाद इसकी कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। साथ ही सड़क मार्ग और प्रस्तावित हवाई पट्टी की सुविधा भी इसे प्रशासनिक दृष्टि से बेहतर विकल्प बनाती है।
कांग्रेस ने कहा कि खंडवा को संभागीय मुख्यालय बनाए जाने से बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी सहित पूरे निमाड़ क्षेत्र के लोगों की यात्रा दूरी और समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे आमजन को प्रशासनिक कार्यों के लिए कम खर्च और कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर) प्रतिभा रघुवंशी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सबको मालूम है कि लगातार खंडवा के लोग इस बात की माँग करते हैं कि निमाड़ जब भी यदि कोई संभाग बने, तो उसका हेडक्वार्टर, उसका मुख्यालय हमारा खंडवा होना चाहिए। यदि हम देखें, तो सांस्कृतिक पहचान हमारे खंडवा की है, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग हमारे यहाँ आता है, दादाजी धुनीवाले का मंदिर हमारे यहाँ है। यदि हम देखें कि प्रशासनिक व्यवस्था तो इन्फ्रास्ट्रक्चर हमारे पास अच्छा है। हम कनेक्टिविटी की यदि बात करें तो रेलवे की हो चाहे रोडों की हो, बहुत अच्छी कनेक्टिविटी हमारे खंडवा की है। यदि हम मेडिकल की बात करें तो हमारे यहाँ मेडिकल की सुविधा उपलब्ध है। एक संभाग मुख्यालय के लिए जो आधारभूत संरचना की आवश्यकता होती है, उसमें खंडवा अपने मापदंड पर पूर्ण उतरता है।
लेकिन कहीं ना कहीं भारतीय जनता पार्टी के विधायक और सांसद महोदय की इच्छाशक्ति में कमी है कि जैसे पहले बटालियन और एक के बाद एक जो चीजें खंडवा के हिस्से की थीं, वो दूसरे शहरों की ओर जा रही हैं। इस मुद्दे पर पूरी कांग्रेस पार्टी भारतीय जनता पार्टी के साथ है। यदि आपको लगता है कि मुख्यमंत्री के पास चलना है, बात करना है, तो पूरी कांग्रेस के लोग आपके साथ चलने को तैयार हैं। ज्ञानेश्वर पाटिल जी के साथ भी हम ये आपके माध्यम से कहना चाहते हैं कि आपको यदि लगता है कि निमाड़ संभाग के मुख्यालय खंडवा जिले को बनाने के लिए कांग्रेस की कहीं आवश्यकता है, तो पूरी ताकत के साथ हम आपके साथ खड़े हुए हैं और ये लड़ाई केवल कांग्रेस और बीजेपी की नहीं है, ये खंडवा के भविष्य की लड़ाई है जो कांग्रेस पार्टी लड़ रही है।
प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि हम बड़ा आंदोलन भी करने का सोच रहे हैं, लेकिन हमें ऐसा लगता है कि आंदोलन से ज्यादा जनभावना इससे जुड़ी हुई हैं और आम जनमानस को अपने-अपने सोशल मीडिया पर आकर भारतीय जनता पार्टी के सांसद और विधायक को टैग करके ये बात लिखनी चाहिए कि खंडवा ये माँग कर रहा है कि निमाड़ संभाग का मुख्यालय खंडवा जिला हमारा बने। तब जाकर ये सोए हुए जनप्रतिनिधि कहीं जागेंगे, क्योंकि केवल चुनाव जीतने तक आपकी चीजें खत्म नहीं हो जातीं। 30 जून तो वैसे भी दुर्भाग्य का दिन है हमारे लिए। एक दिन हमारा यहाँ हरसूद डूब गया था, आज माखनलाल चतुर्वेदी विद्यालय बंद होने वाला है और यही 30 जून को सांसद महोदय तीन पुलिया के नीचे खड़े होकर बड़े-बड़े नक्शे दिखा रहे थे और कह रहे थे कि एक साल में ये हमारा तीन पुलिया का ब्रिज भी निर्माण हो जाएगा और तीन पुलिया की हालत भी सुधर जाएगी। साल दर साल निकलते जा रहे हैं और हालात आप सबके सामने हैं, छोटी सी बारिश में सब खत्म हो जाता है।”
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि खंडवा में पहले से ही आवश्यक प्रशासनिक भवन, सरकारी कार्यालय, चिकित्सा सुविधाएं, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, बिजली एवं जल संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है। इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर जैसी परियोजनाओं तथा तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र के कारण खंडवा प्रशासनिक एवं आर्थिक दृष्टि से भी मजबूत केंद्र बन चुका है।
कांग्रेस ने ऐतिहासिक आधार का हवाला देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के गठन के समय खंडवा निमाड़ जिले का प्रमुख केंद्र रहा है। इसलिए प्रस्तावित निमाड़ संभाग का मुख्यालय बनने का पहला अधिकार भी खंडवा का है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से जनभावनाओं, ऐतिहासिक महत्व और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए खंडवा को ही प्रस्तावित निमाड़ संभाग का मुख्यालय घोषित करने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मुख्यालय किसी अन्य शहर में बनाया गया तो यह निमाड़ क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय होगा और इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि खंडवा में पहले से ही आवश्यक प्रशासनिक भवन, सरकारी कार्यालय, चिकित्सा सुविधाएं, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, बिजली एवं जल संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है। इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर जैसी परियोजनाओं तथा तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र के कारण खंडवा प्रशासनिक एवं आर्थिक दृष्टि से भी मजबूत केंद्र बन चुका है।
कांग्रेस ने ऐतिहासिक आधार का हवाला देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के गठन के समय खंडवा निमाड़ जिले का प्रमुख केंद्र रहा है। इसलिए प्रस्तावित निमाड़ संभाग का मुख्यालय बनने का पहला अधिकार भी खंडवा का है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से जनभावनाओं, ऐतिहासिक महत्व और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए खंडवा को ही प्रस्तावित निमाड़ संभाग का मुख्यालय घोषित करने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मुख्यालय किसी अन्य शहर में बनाया गया तो यह निमाड़ क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय होगा और इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर)प्रतिभा रघुवंशी,आशी सिलावट,संगठन मंत्री विकास व्यास,ब्लाक अध्यक्ष विशाल जैन,देवेंद्र सराफ,जगदीशचंद्र चौरे,डॉ शरद हरणे,आसिम पटेल,यशवंत सिलावट,चंदन राजपूत,प्रेमांशु जैन,राजकुमार कैथवास,आशीष नारायण कपिल,वामनराव जाधव,वकील नीलकंठ,संदीप सोनी,वीरेंद्र गौतम,दशरथ सिसोटे,योगेश जांगिड़,फरहान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे।












