
नयापारा क्षेत्र में महीनों से कछुआ गति से चल रहे और वर्तमान में पूरी तरह ठप पड़ चुके सड़क निर्माण कार्य को लेकर व्यापारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एवं छाया पार्षद राजेंद्र पटवा ने प्रदेश की भाजपा सरकार,स्थानीय प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर तंज कसते हुए कहा कि नयापारा की यह अधूरी सड़क भाजपा सरकार के तथाकथित “विकास मॉडल” के दावों की हवा निकाल रही है। जनहित के कामों को दरकिनार कर यह पूरा निर्माण कार्य अब ‘कमीशनखोरी के खेल’की भेंट चढ़ चुका है, जिसका खामियाजा आज पूरा क्षेत्र भुगत रहा है।
राजेंद्र पटवा ने कहा कि आगामी कुछ ही दिनों में मानसून की दस्तक होने वाली है। पहली ही बारिश में यह पूरी सड़क कीचड़ से भरी पड़ी है बारिश के चलते अब यह सड़क कीचड़ से दलदल में तब्दील हो जाएगी।ऐसी स्थिति में भी स्थानीय पार्षद व भाजपा नेताओं के कानों में जूं तक नहीं रेंग रहा है जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करना छोड़ स्थानीय पार्षद नाली निर्माण की बेतुकी जिद को लेकर अड़े हुए हैं।नयापारा सड़क का निर्माण कार्य रुकने के पीछे कोई तकनीकी अड़चन या ठेकेदार की ढिठाई नहीं है। बल्कि पर्दे के पीछे “कमीशन का बड़ा खेल” और नाली निर्माण को लेकर मची आपसी खींचतान जिम्मेदार है। अपनी जेबें भरने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए नाली निर्माण की गलत जिद पकड़ी गई है, जिसके चलते आज पर्यंत तक सड़क के काम को आगे नहीं बढ़ने दिया गया है,वार्ड के स्थानीय पार्षद जनता के सामने आएं और जवाब दें कि क्या जनता को इस तरह नरक जैसी स्थिति में धकेल कर वो ‘आदर्श सड़क’ बनाने का सपना देख रहे हैं? क्या आधी-अधूरी सड़कों पर धूल और कीचड़ उड़ाना ही भाजपा का कथित ‘सुशासन’ है?”
राजेंद्र पटवा ने आगे कहा सड़क को खोदकर महीनों से अधर में छोड़ दिए जाने के कारण पूरे नयापारा क्षेत्र में ‘धूल के गुब्बारे’उड़ रहे हैं।इसका सबसे बड़ा खामियाजा स्थानीय छोटे-बड़े व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। ग्राहक इस रास्ते पर आने से कतरा रहे हैं, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।इसके साथ ही, उखड़ी हुई गिट्टियों और गड्ढों के कारण यह सड़क अब’एक्सीडेंट ज़ोन बन चुकी है। बुजुर्ग, महिलाएं और स्कूली बच्चे आए दिन यहां गिरकर चोटिल हो रहे हैं। राहगीरों को सांस और आंखों की बीमारियां होने की आशंका होती दिखाई दे रही हैं, लेकिन सरकार अपनी पीठ थपथपाने और सुशासन का ढोल पीटने में मस्त है!
राजेंद्र पटवा ने क्षेत्र के भाजपा नेताओं के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बेहद हास्यास्पद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसी जर्जर और अधूरी सड़क से रोजाना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक जगदलपुर किरण देव जी सहित भाजपा के कई छोटे-बड़े नेताओं, पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां गुजरती हैं। इसके बावजूद किसी भी नेता ने इस जनसमस्या को दूर करने की जहमत नहीं उठाई।नेताओं की यह रहस्यमयी खामोशी यह साफ बयां करती है कि चुनाव जीत जाने के बाद जनता के प्रति उनकी जवाबदेही खत्म हो गई है। यह रवैया भाजपा की जनता विरोधी सोच को पूरी तरह उजागर करता है।
राजेंद्र पटवा ने आगे भाजपासरकार, जिला प्रशासन व वार्ड पार्षद को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकार विज्ञापनों और कागजी दावों से बाहर निकले और धरातल पर आकर जनता का दर्द देखे।मानसून की पहली बौछार से पहले इस सड़क का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर इसे पूर्ण किया जाए।यदि जनहित के इस कार्य में और देरी की गई,तो कांग्रेस पार्टी जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में व्यापारी प्रकोष्ठ,स्थानीय व्यापारियों और पीड़ित आम जनता व वार्डवासियों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा एवं उग्र आंदोलन,धरना प्रदर्शन और चक्काजाम करने हेतु बाध्य होगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन, भाजपा सरकार की होगी।











