
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का मरवाही वनमंडल एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार जंगल से निकलकर दुर्लभ सफेद भालू सीधे इंसानी बस्तियों तक पहुंच गया। मंगलवार सुबह बसंतपुर, आमाडाड़ और नवागांव की सीमा से लगे रिहायशी इलाकों और सड़कों पर सफेद भालू को दौड़ते हुए देखा गया। भालू के अचानक गांव के पास पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सफेद भालू सबसे पहले बसंतपुर के पास मुख्य सड़क पर नजर आया। इसके बाद वह तेजी से आमाडाड़ और नवागांव की दिशा में भागता हुआ दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने इस दुर्लभ वन्यजीव का वीडियो अपने मोबाइल में कैद किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही जंगल कटाई, अवैध कब्जे और उत्खनन के कारण जंगली जानवरों का प्राकृतिक आवास तेजी से खत्म हो रहा है। भीषण गर्मी के चलते जंगलों के भीतर पानी के स्रोत भी सूख चुके हैं। ऐसे में भालू समेत कई वन्यजीव भोजन और पानी की तलाश में गांवों और शहरों की ओर रुख कर रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम अलर्ट मोड पर आ गई है। सूत्रों के मुताबिक रेस्क्यू टीम को प्रभावित इलाके में तैनात किया गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि भालू दिखाई देने पर तुरंत सूचना दें, लेकिन उसके पास जाने या भीड़ लगाने से बचें। ड्रोन और कैमरा ट्रैप की मदद से भालू की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि मरवाही वनमंडल पिछले कुछ समय से लगातार विवादों में बना हुआ है। कभी अवैध कटाई तो कभी वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों में पहुंचने की घटनाओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। दुर्लभ सफेद भालू का बार-बार आबादी वाले क्षेत्रों में दिखाई देना जंगल और वन्यजीव प्रबंधन की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रहा है।










