पिछड़े वर्ग के छात्रों की दिल्ली में पढ़ाई हुई आसान , “दिल्ली छात्रगृह योजना” के तहत सहायता राशि 1550 रु. से बढ़ाकर 10 हजार रु. प्रतिमाह की गई
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खण्डवा//मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में ओबीसी वर्ग के कल्याण और उनके शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार निरंतर ऐतिहासिक कदम उठा रही है। इसी क्रम में कैबिनेट ने दिल्ली छात्रगृह योजना’ के प्रावधानों में महत्वपूर्ण बदलावों को मंज़ूरी दी है। वर्ष 2005 से शुरू हुई इस योजना के तहत दिल्ली में पढ़ने वाले मध्य प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को मिलने वाली सरकारी सहायता राशि 1550 रुपए से बढ़ाकर अब 10,000 रुपए प्रतिमाह कर दी गई है। अब इन विद्यार्थियों को आवासीय और भोजन व्यवस्था के लिए सालाना 1 लाख 20 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। प्रदेश सरकार ने इस सहायता राशि के साथ-साथ योजना का दायरा बढ़ाते हुए लाभार्थियों की संख्या में भी वृद्धि की गई है। पहले जहां इस योजना के तहत प्रतिवर्ष अधिकतम 50 छात्रों को ही लाभ मिलता था, वहीं अब हर साल 50 स्नातक और 50 स्नातकोत्तर सहित कुल 100 नए विद्यार्थियों को इस योजना में शामिल किया जाएगा।
किन विद्यार्थियों को मिलेगा इस योजना का लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को ‘पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति’ प्राप्त करने की पात्रता होनी चाहिए। उनके माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय ‘पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति नियम के प्रावधानों के अनुरूप होनी चाहिए। इस संशोधित योजना में नए विद्यार्थियों के प्रवेश के अलावा, पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी उनके शेष पाठ्यक्रम की अवधि तक नवीनीकरण का लाभ दिया जाएगा। योजना के पहले वर्ष 2026-27 में नए और पुराने 150 विद्यार्थियों के लिए 1.80 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं, चौथे वर्ष 2029-30 तक जब यह योजना पूरी तरह लागू हो जाएगी, तब कुल 300 विद्यार्थियों के लिए सरकार सालाना 3.60 करोड़ रुपए खर्च करेगी।










