
ईश्वरीय विश्वविद्यालय में पृथ्वी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
खंडवा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, खंडवा द्वारा भाग्योदय भवन, आनंद नगर खंडवा में पृथ्वी दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी भरत झवर उपस्थित रहे। साथ ही ग्रीन मिशन से रिंकू राठौर, रेडक्रॉस सोसायटी के सेक्रेटरी भानु भाई पटेल, पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता सनखेड़े जी, वरिष्ठ समाजसेवी अखिलेश गुप्ता सहित रेडक्रॉस सोसायटी एवं ग्रीन मिशन वृक्षमित्र परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य वक्ता भरत झवर जी एवं रिंकू राठौर ने सभी को पृथ्वी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया और अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में संस्था प्रभारी शक्ति दीदी ने अपने उद्बोधन में पृथ्वी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आध्यात्मिकता हमें वास्तविकता की ओर ले जाकर प्रकृति और पुरुष (आत्मा) के गहरे संबंध का अनुभव कराती है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण “परि” और “आवरण” से मिलकर बना है। जिस प्रकार आत्मा का आवरण यह पंच तत्वों से बना शरीर है, उसी प्रकार शरीर के पंच तत्वों से परे प्रकृति के पांचों तत्वों का जो आवरण है, उसे पर्यावरण कहा जाता है। उन्होंने आगे कहा कि आध्यात्मिकता ही वह शक्ति है, जो प्रकृति के धर्म का पालन करते हुए प्रदूषण मुक्त स्वर्णिम संसार की पुनः स्थापना के लिए प्रेरित करती है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया बताया की शक्ति दीदी ने योगिक गृह वाटिका” को योगी जीवन शैली का एक अनमोल हिस्सा बताते हुए कहा कि यह घर की शान होती है, जिसमें व्यक्ति अपनी आवश्यकता अनुसार प्रतिदिन उपयोग में आने वाले फल एवं सब्जियों का उत्पादन स्वयं कर सकता है। कार्यक्रम के दौरान ग्रीन मिशन वृक्षमित्र परिवार एवं रेडक्रॉस सोसायटी की टीम के सदस्यों का सम्मान भी किया गया। साथ ही उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण संकल्प लिया कि वे इस वर्ष नए कपड़े नहीं खरीदेंगे और न ही पहनेंगे, ताकि प्राकृतिक संसाधनों के अनावश्यक दोहन को कम किया जा सके। इस पहल को सभी ने सराहा और इसे पर्यावरण बचाने की दिशा में सार्थक कदम बताया।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित जनों ने पृथ्वी को सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखने का प्रण लिया।







