
खंडवा पुलिस का नशे के विरुद्ध निर्णायक अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0”
10 वर्षों के ड्रग्स तस्करों का बनेगा डिजिटल डेटाबेस, 31 हॉटस्पॉट चिन्हित
डार्क वेब आधारित ड्रग नेटवर्क पर भी कसा जाएगा शिकंजा
खंडवा, 15 अप्रैल 2026
जिले को नशामुक्त, सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाने के उद्देश्य से खंडवा पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध व्यापक, योजनाबद्ध और कठोर अभियान प्रारंभ किया गया है। पुलिस मुख्यालय के नारकोटिक्स विंग के निर्देशानुसार 01 मई 2026 से 31 मार्च 2029 तक विशेष अभियान संचालित कर मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध नेटवर्क, ड्रग्स से अर्जित संपत्तियों तथा संबंधित अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
खंडवा जिले में फैलते सूखे नशे और उससे उपजते सामाजिक, पारिवारिक तथा आपराधिक दुष्परिणामों को देखते हुए खंडवा पुलिस ने अब “नशे का रोडमैप” तैयार किया है। इस रणनीति के तहत जिले में ऐसे स्थानों की पहचान की गई है, जहाँ नशीले पदार्थों की बिक्री, आपूर्ति और सेवन की गतिविधियाँ अधिक पाई जा रही हैं। प्रथम चरण में कुल 31 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 16 शहरी एवं 15 ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। इन चिन्हित स्थानों पर विशेष निगरानी, निरंतर दबिश, खुफिया सूचना संकलन तथा त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नशे की गिरफ्त में आ चुके व्यक्तियों को नशामुक्ति केंद्रों तक पहुँचाने के प्रयास भी किए जाएंगे।
विगत 10 वर्षों में 220 प्रकरणों में 227 आरोपी मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं, जिनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। अब ऐसे सभी अपराधियों का विस्तृत डिजिटल डेटाबेस एवं डोजियर तैयार किया जाएगा। आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलकर उनकी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाएगी, ताकि उनके विरुद्ध समयबद्ध और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कुछ अंतरराज्यीय तस्कर एवं उनके स्थानीय एजेंट डार्क वेब के माध्यम से नशीले पदार्थों की डीलिंग कर रहे हैं तथा भुगतान के लिए क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस चुनौतीपूर्ण और तकनीकी अपराध स्वरूप को देखते हुए खंडवा पुलिस डिजिटल निगरानी को सशक्त बना रही है तथा तकनीकी रूप से दक्ष पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही पूर्व में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर उनकी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा एकत्रित किया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति को विधि अनुसार चिन्हित कर अटैच करने की कार्यवाही की जा सके।
जिले में ब्राउन शुगर, डोडा, केमिकल नशा, गांजा, अफीम, चरस, नशीली टेबलेट तथा प्रतिबंधित कफ सिरप जैसे विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों की उपलब्धता और अवैध कारोबार सामने आया है। इस पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पड़ोसी जिलों के साथ समन्वय स्थापित कर बॉर्डर मीटिंग आयोजित की जाएगी। खंडवा रेलवे जंक्शन होने के कारण बाहरी क्षेत्रों से आने-जाने वाले संदिग्ध तस्करी नेटवर्क पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा आवश्यकतानुसार संयुक्त अभियान चलाए जाएंगे।
एनडीपीएस एक्ट के मामलों में दोषसिद्धि की दर बढ़ाने के लिए विवेचकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कई मामलों में तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी कमियों के कारण आरोपी न्यायालय से दोषमुक्त हो जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए विवेचना की गुणवत्ता, साक्ष्य संकलन की मजबूती और अभियोजन की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण एवं मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जा रही है।
प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। इसी क्रम में जिले में 15 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत सोशल मीडिया, जनजागरूकता कार्यक्रमों, वीडियो संदेशों, समाज के प्रभावशाली व्यक्तियों तथा नशामुक्त हो चुके लोगों के अनुभवों के माध्यम से व्यापक जनजागरण किया जाएगा। नशे के आदी व्यक्तियों की काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर उन्हें नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराने की भी कार्ययोजना बनाई गई है।
उप पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री मनोज कुमार राय ने कहा कि खंडवा पुलिस नशे के विरुद्ध केवल अभियान नहीं, बल्कि निर्णायक कार्रवाई की दिशा में काम कर रही है। जिले में चिन्हित 31 हॉटस्पॉट पर सतत और सख्त कार्यवाही की जाएगी। पिछले 10 वर्षों में पकड़े गए तस्करों का समग्र डेटाबेस तैयार कर उन्हें निगरानी के दायरे में लाया जाएगा। डार्क वेब, क्रिप्टो करेंसी और अंतरराज्यीय नेटवर्क के माध्यम से संचालित ड्रग्स तस्करी पर भी पुलिस पूरी तकनीकी क्षमता के साथ शिकंजा कसेगी। हमारा उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि नशे की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ना, युवाओं को बचाना और समाज को सुरक्षित बनाना है। नशे का कारोबार करने वालों के लिए खंडवा में अब कोई जगह नहीं छोड़ी जाएगी।
खंडवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के विरुद्ध यह अभियान पूरी गंभीरता, निरंतरता और प्रतिबद्धता के साथ चलाया जाएगा। प्रवर्तन, निगरानी, संपत्ति जब्ती, नेटवर्क विश्लेषण, जनजागरूकता और पुनर्वास—इन सभी स्तरों पर एक साथ कार्य करते हुए नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाएगा।










