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आदित्य मुनि के ज्ञान का महाकुंभ, खंडवा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब।

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आदित्य मुनि के ज्ञान का महाकुंभ, खंडवा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब।

किलकारी शिशु गृह पहुंचकर अनाथ बच्चों के बीच बिखेरा स्नेह, कहा—मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा।

खंडवा। शहर इन दिनों आध्यात्मिक चेतना, भक्ति और सेवा भावना के अद्भुत संगम का साक्षी बन रहा है। पंचकल्याणक महोत्सव के भव्य आयोजन के बीच पूज्य मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज के ओजस्वी प्रवचनों ने खंडवा को मानो ज्ञान के महाकुंभ में परिवर्तित कर दिया है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है, जो उनके प्रवचनों से जीवन की नई दिशा और आत्मिक शांति प्राप्त कर रहे हैं। समाज सेवी सुनील जैन ने बताया कि
देशभर में एक प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में स्थापित मुनि आदित्य सागर जी महाराज के प्रवचन सोशल मीडिया पर लाखों-करोड़ों लोगों द्वारा देखे और सराहे जा रहे हैं। उनके शब्दों में ऐसी शक्ति है कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो जाते हैं और उनके प्रत्येक वचन को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित होते हैं।सनील जैन ने बताया कि इसी आध्यात्मिक प्रवाह के बीच मुनिश्री का आगमन सहज समागम फाउंडेशन द्वारा संचालित किलकारी शिशु गृह, खंडवा में हुआ, जहां उन्होंने निराश्रित, परित्यक्त एवं अनाथ बच्चों के बीच पहुंचकर स्नेह और करुणा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यहां 1 दिन से लेकर 6 वर्ष तक के बच्चों का संपूर्ण देखभाल, पोषण, शिक्षा एवं संस्कारों के साथ लालन-पालन किया जाता है तथा शासकीय नियमों के अंतर्गत उन्हें योग्य परिवारों तक दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के माध्यम से पहुंचाया जाता है।
इस अवसर पर शिशु गृह के संचालक ने बताया कि यह संपूर्ण कार्य पूर्णतः उनके स्वयं के वित्तीय संसाधनों से संचालित हो रहा है। उन्होंने अपने निजी संसाधनों से भवन दान देकर अनाथ आश्रम की स्थापना की और शासकीय मान्यता प्राप्त कर नियमों के तहत बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निराश्रित और बेसहारा बच्चों की सेवा करना ही उनके जीवन का लक्ष्य है, और वे इन नन्हें बच्चों को एक बेहतर भविष्य देने के संकल्प के साथ निरंतर कार्यरत हैं।
संचालक ने विशेष रूप से दीपमाला विधाणी एवं उनके परिवार का उल्लेख करते हुए कहा कि ईश्वर ने उन्हें ऐसी शक्ति और संवेदनशीलता प्रदान की है, जिसके माध्यम से वे इस पुनीत कार्य को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। छोटे-छोटे मासूम बच्चों की देखरेख, पालन-पोषण और उनके जीवन को संवारना ही उनके जीवन का उद्देश्य बन चुका है।
मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने शिशु गृह पहुंचकर बच्चों के बीच समय बिताया, उन्हें स्नेहपूर्वक दुलार किया और अपने करुणामयी आशीर्वाद से उनके जीवन को आलोकित किया। इस दौरान उन्होंने कहा— “इन सेवाओं में सबसे बड़ी सेवा मानव सेवा है।” उनके इस संदेश ने उपस्थित सभी लोगों के हृदय को गहराई से स्पर्श किया।
किलकारी शिशु गृह परिवार ने मुनिश्री के इस स्नेहिल एवं प्रेरणादायी आगमन पर हृदय से आभार व्यक्त किया और उनके आशीर्वाद की निरंतर कामना की।
खंडवा में इस समय चल रहा यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, संवेदनशीलता और आध्यात्मिक जागरण का विराट उदाहरण बन गया है, जहां एक ओर श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर समाज को मानवता की सच्ची राह दिखाने का कार्य भी निरंतर जारी है।

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