राजस्थान

 संत रामपाल जी महाराज का एक दिवसीय सत्संग का हुआ समापन l

गंगधार/झालावाड़(आबिद मंसूरी)

झालावाड़ जिले के गंगधार कस्बे में रविवार को संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा सर्व धर्म समभाव और शास्त्रों के आधार पर सत्संग का आयोजन किया गया। यह सत्संग एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रसारित किया गया, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन मुनींद्र धर्मार्थ ट्रस्ट हरियाणा के तत्वावधान में किया गया।

सत्संग के दौरान संत रामपाल जी महाराज ने समाज में फैली कुरीतियों और पाखंडवाद पर प्रहार करते हुए श्रद्धालुओं को शास्त्र आधारित भक्ति मार्ग अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जैसे कोई व्यक्ति ट्रेन में सफर करते समय हल्का सामान लेकर चलता है, उसी प्रकार मनुष्य को इस जीवन यात्रा में भगवान को याद रखते हुए नाम का स्मरण करते रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि कलयुग में भगवान को पाने की सरल विधि सच्चे सतगुरु से नाम दीक्षा लेकर भक्ति करना है।

सत्संग में मानव जीवन के उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला गया और बताया गया कि मनुष्य जन्म अत्यंत दुर्लभ है, इसलिए इसे परमात्मा की भक्ति में लगाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं को ‘तीनों देवा कमल दल बसे, ब्रह्मा विष्णु महेश। प्रथम इनकी वंदना, फिर सुन सतगुरु उपदेश’ जैसे शब्दों के माध्यम से आध्यात्मिक संदेश दिया गया।

सत्संग में चाय-राम, जल-राम और पुस्तक सेवा भी की गई। क्षेत्र के सेवादारों ने तन, मन से सेवा करते हुए आयोजन को सफल बनाया। सेवादारों ने बताया कि सत्संग का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करना, दहेज प्रथा को खत्म करना और समाज में भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है।

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