
पहले आसमान पर ग्रहण, फिर सड़कों पर रंगों का दंगल,

धुलेंडी ने दिखाए दो चेहरे सुबह सन्नाटा, अगले दिन इंद्रधनुषी धमाल।
धलेंडी के दूसरे दिन बुधवार को अलग-अलग स्थानो पर रंगों की खेली गई होली।
खंडवा। इस बार धुलेंडी ने शहर को दो बिल्कुल अलग तस्वीरें दिखाईं। होलिका दहन के अगले दिन पड़े ग्रहण ने रंगों की रफ्तार थाम दी, लेकिन जैसे ही ग्रहण की छाया हटी, खंडवा की फिजा में ऐसा रंग घुला कि गली-मोहल्ले से लेकर मुख्य मार्ग तक अबीर-गुलाल की धुंध छा गई। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के कारण ग्रहण काल में मंदिरों के पट बंद रहे। मंगलवार को दोपहर 3:30 से शाम 6:45 बजे तक श्रद्धालु घरों में भजन-कीर्तन और मंत्र जाप में लीन रहे। हर साल धुलेंडी की सुबह जहां रंगों की बौछार से भीग जाती है, वहां इस बार सड़कों पर अपेक्षाकृत सन्नाटा दिखाई दिया।बाजार खुले, लेकिन रंग-गुलाल और पिचकारियों की खरीददारी में उत्साह कम नजर आया। कई स्थानों पर लोगों ने प्रतीकात्मक रूप से गुलाल लगाकर परंपरा निभाई।
ग्रहण काल समाप्त होते ही माहौल बदलने लगा। मंदिरों में शुद्धिकरण और विशेष पूजा-अर्चना के बाद अगले दिन शहर ने रंगों की खुलकर अगवानी की। सुबह होते ही “होली है” की गूंज के साथ हुलियारों की टोलियां सड़कों पर उतर आईं। अबीर-गुलाल की ऐसी बौछार हुई कि हवा तक गुलाबी नजर आने लगी। कॉलोनियों, चौक-चौराहों और मुख्य बाजारों में इंद्रधनुषी कारवां सा दृश्य बन गया। कई स्थानो पर युवाओं ने डीजे और ढोल-नगाड़ों पर जमकर नृत्य करते हुए होली खेली। पारंपरिक फाग से लेकर फिल्मी गीतों तक हर सुर पर कदम थिरकते रहे। जगह-जगह होली मिलन समारोह आयोजित हुए, जहां लोगों ने गले मिलकर रंग लगाया और शुभकामनाएं दीं। महिलाओं ने भी समूह बनाकर फाग गाए और पारंपरिक उल्लास का रंग जमाया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि धुलेंडी का रंग हर उम्र में दिखा। बच्चे पिचकारियों और रंगीन गुब्बारों के साथ सुबह से ही मस्ती में डूबे रहे। युवाओं की टोलियां जुलूस के रूप में निकलकर रंग उड़ाती रहीं। बुजुर्गों ने भी गुलाल लगाकर आशीर्वाद दिया। दोपहर तक शहर की सड़कें रंगों से सराबोर हो चुकी थीं। भाजपा जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर, खंडवा विधायक कंचन मुकेश तनवे, विधायक प्रतिनिधि मुकेश मुकेश तनवे, महामंत्री धर्मेंद्र बजाज, कार्यालय मंत्री भारत पटेल एवं पार्टी के अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ता शहर में अलग-अलग स्थानो पर पहुंचे और एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। उत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। करीब 600 पुलिस जवान तैनात किए गए। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल, प्रमुख चौराहों पर बैरिकेडिंग और मोबाइल पेट्रोलिंग टीमों ने लगातार निगरानी रखी। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी सक्रिय रहे।
जबरन रंग लगाने या किसी भी प्रकार की अव्यवस्था पर सख्त नजर रखी गई। अधिकारियों ने शहर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आमजन के सहयोग और प्रशासन की मुस्तैदी के चलते पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।











