
धर्म एवं कर्तव्य के प्रतीक थे स्वामी जी – निर्मल चौहान जी
खण्डवा/खारकलाँ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद खारकलाँ नगर मंत्री दुर्गेश सिंह राठौड़ जी ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद खारकलाँ द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में “विवेक–दृष्टि”
संगोष्ठी एवं शोभायात्रा का आयोजन किया
जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में अभाविप मालवा प्रांत सहमंत्री श्री निर्मल चौहान जी उपस्थित रहें।

निर्मल जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा – कि स्वामी विवेकानंद जी धर्म एवं कर्तव्य के प्रतीक थे उन्होंने जिस प्रकार से युवाओं से आव्हान किया कि “उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”
उन्होंने आध्यात्म को आधुनिकता के साथ जोड़ा एवं नवीन आध्यात्मिक पद्धति का निर्माण किया।








