मध्यप्रदेश

*पंच कल्याणक महोत्सव में एक बार जरूर ढोंक लगाकर अपने भाग्य को सराहना –मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज*

*कल मनाया जायेगा भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव अंचल से जायेगा सैकड़ों भक्त*

ध्वजारोहण के साथ श्री मद् जिनेन्द्र पंच कल्याणक महोत्सव का हुआ शुभारंभ

*कल मनाया जायेगा भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव अंचल से जायेगा सैकड़ों भक्त

*ब्र‌‌‍‍‍जेन्दसिहं लोधी खनियांधाना*  –अति प्राचीन तीर्थ क्षेत्र तीर्थोदय तीर्थ गोलाकोट में परम पूज्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठा चार्य प्रदीप भ इया के निर्देशन में ध्वजारोहण के साथ श्री मद् जिनेन्द्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ का शुभारंभ हो गया परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में ध्वजारोहण श्री मति शुशीला अशोक कुमार जी पाटनी परिवार आर के मार्वल किशनगढ़ एवं सतेन्द्र जैन राजधानी वैशन दारा भक्तों और विशाल जन समूह के जय जय कारो के बीच किया गया ।

*(ऐसी पवित्र भूमि पर एक बार ढोंक लगाकर अपने जीवन को धन्य करें)*

प्रातः काल की वेला में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्र संत मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि पाषाण से भगवान वनने की सम्पूर्ण विधि को हम पंच कल्याणक महोत्सव में देखेंगे ये मात्र क्रिया कांड नहीं है ये जीवन भगवान बनाने की एक सतत् प्रक्रिया है जो यहां अगले पांच दिन तक निरन्तर चलेगी स्वर्ग में बड़े बड़े इन्द्र जिनकी आयु वाइस सागर होती है सौर्धम इन्द्र की आयु मात्र एक सागर की होती है फिर भी सौधर्म इन्द्र को बड़ा माना गया है क्योंकि उसे भगवान के पंच कल्याणक करने का सौभाग्य प्राप्त होता है अपने जीवन काल में सौधर्म इन्द्र सैकड़ों पंच कल्याणक महोत्सव करने का सौभाग्य प्राप्त करता है यही भावना उसे एक दिन परम पावन पद तक पहुंचा देती है आप लोग जो स्थापना निक्षेप से यहां पंच कल्याणक प्रतिष्ठा विश्व शांति महायज्ञ कर रहे हैं यही भावना तुम्हारे लिए एक दिन साक्षात भगवान जिनेन्द्र देव के समवशरण में लेकर जायेगी और आप सब समवशरण में बैठ कर भगवान की दिव्य ध्वनि को श्रवण कर सकेंगे

*(खंडहर से भव्य तीर्थ की यात्रा पूरी करेगा तीर्थोदय तीर्थ)*

जानकारी के अनुसार बारह वर्ष पूर्व परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज का गोला कोट में पहली बार आगमन हुआ था वीरान खंडहरों में सदियों से थपेड़े खा खा कर वेजान हो रहे तीर्थ को परम पूज्य राष्ट्र संत ने संजीवनी प्रदान की और इस भूले बिसरे तीर्थ के पुर्नउधार का बीणा उड़ाया आज गोला कोट तीर्थो दय तीर्थ के रूप में भव्य अति भव्य रूप में हम सब के सामने खड़ा भारतीय संस्कृति की प्राचीनतम का गाथा गा रहा है इस पंच कल्याणक महोत्सव के माध्यम से एक नये युग का सूत्रपात होने जा रहा है जैसा कि परम पूज्य राष्ट्र संत मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज कह रहे थे इस पंच कल्याणक को आप साधारण ना समझे ये अतीत की गौरव गाथा को सदियों तक आगे लेकर आगे जायेगा इस महोत्सव में एक दिन आकर प्रभु चरणों में ढोक जरूर लगाना है कल बाइस तारीख को भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव भक्ति भाव के साथ मनाया जायेगा इस दौरान विशाल भव्य शोभायात्रा निकाली जायेगी

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