
जनपद कुशीनगर के मोतीचक विकासखंड सभागार में आज क्षेत्र पंचायत की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक निर्धारित समय से कुछ विलंब से दोपहर 1 बजकर 27 मिनट पर प्रारंभ हुई, जिसमें खंड विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का संचालन संबंधित अधिकारियों द्वारा किया गया।
बैठक की शुरुआत पूर्व कार्यवाही की पुष्टि के साथ हुई। इसके बाद विकासखंड से जुड़े विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कुल 11 करोड़ रुपये से अधिक के विकास प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इन प्रस्तावों में सड़क निर्माण, पंचायत भवन निर्माण, नाली, स्वच्छता, सार्वजनिक स्थलों का विकास, मुख्यमंत्री आवास योजना, पंचायत राज से संबंधित कार्य तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे। पंचायत भवन निर्माण एवं सार्वजनिक स्थलों के विकास को लेकर सदन में विशेष चर्चा हुई।
बैठक में फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य रूप से कराने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री नहीं होने की स्थिति में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ बाधित हो सकता है। इसलिए सभी ग्राम प्रधानों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री समय से पूर्ण कराएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी बैठक में दी गई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन एवं दिव्यांग पेंशन के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। वृद्धा पेंशन के लिए 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं। विधवा पेंशन उन महिलाओं को दी जाती है जिनके पति का निधन हो चुका है और जो निर्धारित आय मानकों में आती हैं। वहीं दिव्यांग पेंशन शारीरिक या मानसिक रूप से विकलांग पात्र व्यक्तियों के लिए है।
अधिकारियों ने बताया कि पेंशन योजनाओं के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र (विधवा पेंशन हेतु) तथा दिव्यांग प्रमाण पत्र आवश्यक है। पात्र लाभार्थियों से अपील की गई कि वे अपने दस्तावेज पूर्ण कर समय से ऑनलाइन आवेदन करें।
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन तथा पंचायत राज विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कुछ विभागों की अनुपस्थिति को लेकर सदन में नाराजगी भी व्यक्त की गई। वहीं, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
अंत में खंड विकास अधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य है। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।







