
त्रिलोक न्यूज़ सहायक प्रमुख मध्य प्रदेश

भोपाल नगर निगम परिषद की मीटिंग मंगलवार सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू होने वाली थी, लेकिन गोमांस के मुद्दे के चलते बैठक देर से शुरू हो रही है।
बैठक से पहले महापौर मालती राय ने सभी एमआईसी मेंबर और बीजेपी पार्षदों के साथ बैठक की, ताकि परिषद मीटिंग के दौरान कोई विवाद न हो। बताया जाता है कि बीजेपी पार्षदों को मामले में चुप रहने के लिए कहा गया, लेकिन कई सीनियर पार्षदों ने विरोध जताया।
उन्होंने कहा कि “क्या निगम आधुनिक स्लॉटर हाउस चलाने के लिए बाध्य है? गोमाता के नाम पर ऐसा नहीं सहेंगे।” निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी बैठक में मौजूद रहे।
सरकार का एक्शन-वेटनरी डॉक्टर को सस्पेंड
इधर, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नगर निगम के पशु चिकित्सक बेनीप्रसाद गौर को सस्पेंड करने के आदेश निगम को दे दिए गए हैं। गौर के जिम्मे ही स्लॉटर हाउस में स्लॉटिंग का काम था।
बैठक में हो सकता है हंगामा
आज नगर निगम परिषद की बैठक में हंगामे के आसार है। स्लॉटर हाउस के मांस में गोमांस की पुष्टि के बाद न सिर्फ विपक्ष बल्कि BJP पार्षद भी ‘शहर सरकार’ को घेरने के मूड में है। वे पूछेंगे कि स्लॉटर हाउस को लेकर मेयर इन कौंसिल ने इतनी गोपनीयता क्यों बरती? ऐसे में हंगामा हो सकता है। हालांकि, बैठक से पहले डैमेज कंट्रोल की कवायदें भी जारी रहीं।
इधर, बैठक में दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी आएंगे। सबसे खास कुल 829 कॉलोनियों में पानी के बल्क कनेक्शन से व्यक्तिगत कनेक्शन देने का है। वहीं, मैरिज रजिस्ट्रेशन फीस अब सिर्फ 130 रुपए ही लगेगी। इन दोनों बड़े फैसलों को 2 जनवरी को हुई मेयर इन कौंसिल (एमआईसी) की मीटिंग में मंजूरी मिल चुकी है।
स्लॉटर हाउस में गोमांस का यह मामला जिंसी स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गायों का वध किए जाने और गोमांस मुंबई भेजे जाने के मामले में नगर निगम प्रशासन की सीधी भूमिका सामने आई है। नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी वह पत्र सामने आया है, जिसके आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी।
स्लॉटर हाउस को शुरू करने संबंधित अनुमति एमआईसी ने दी थी। यह प्रस्ताव परिषद में भी नहीं आया। इस वजह से कांग्रेस के साथ बीजेपी पार्षद भी नाराज हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रदर्शन भी कर चुकी है। ऐसे में शहर सरकार घिरती हुई नजर आ रही है।

ये 3 प्रस्ताव भी आएंगे… प्रस्ताव-1 : व्यक्तिगत कनेक्शन पर ‘शहर सरकार’ का बड़ा फैसला एमआईसी में मंजूरी के बाद यदि परिषद की बैठक में व्यक्तिगत कनेक्शन का प्रस्ताव पास होता है तो यह शहर सरकार का बड़ा फैसला होगा। निगम चुनाव के दौरान बीजेपी ने इसे लेकर वादा किया था। वहीं, समय-समय पर सांसद-विधायक भी ये मांग उठा चुके हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस लगातार मांग करती आ रही है। ताकि, आम लोगों को फायदा मिल सके। कई बैठकों में यह मुद्दा उठ चुका है।
बता दें कि बल्क कनेक्शन का मुद्दा कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी उठ चुका है। खासकर होशंगाबाद रोड की कॉलोनियों में बल्क कनेक्शन की बाध्यता होने से लोग कनेक्शन नहीं ले पा रहे हैं। लोग मांग उठा रहे हैं कि उन्हें सिंगल यानी व्यक्तिगत कनेक्शन दिए जाए। इससे बेवजह का बोझ नहीं पड़ेगा।
व्यक्तिगत कनेक्शन व्यवस्था लागू करने पर इतना खर्च भोपाल शहर में कुल 1566 कॉलोनियों हैं। जिनमें से 829 कॉलोनियां ऐसी हैं, जिनमें नगर निगम बल्क कनेक्शन के माध्यम से जलप्रदाय करता है। इन कॉलोनियों में व्यक्तिगत कनेक्शन के माध्यम से जल उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।
यदि इन कॉलोनियों में नगर निगम संचालन करता है तो वॉल्वमैन, ऑपरेटर, सुपरवाइजर, पाइपलाइन बिछाये जाने और इंटर कनेक्शन किए जाने पर कुल 801 करोड़ रुपए खर्च आएगा। इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी बन गई है। इन कॉलोनियों के 74 हजार 905 घरों में स्मार्ट मीटर के माध्यम से जल उपलब्ध कराने पर प्रति आवास 9709 रुपए का खर्च होगा। कुल राशि 72.73 करोड़ रुपए खर्च आएगा। स्मार्ट मीटर लगाने सहित कुल व्यय राशि 874.43 करोड़ रुपए होगी।
इनमें जलप्रदाय के संधारण/संचालन के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से कॉलोनी वासियों द्वारा कार्य कराया जा सकता है। जिसके लिए बल्क कनेक्शन का निर्धारित शुल्क 17 रुपए प्रति हजार लीटर नगर निगम को एजेंसी द्वारा दिया जाएगा। अतिरिक्त राशि एजेंसी द्वारा संबंधित कॉलोनी से ली जाएगी।
इन कॉलोनियों में व्यक्तिगत कनेक्शन लिए जाने के लिए लोगों की सहमति जरूरी है। 70 प्रतिशत से अधिक सहमति प्राप्त होने पर ही व्यक्तिगत कनेक्शन प्रदान करने की कार्रवाई होगी। इन कॉलोनियों में प्रथम आओ प्रथम पाओ पद्धति के आधार पर व्यक्तिगत कनेक्शन प्रदान करने की प्रक्रिया की जा सकेगी।
भोपाल में 2.30 लाख से ज्यादा कनेक्शन भोपाल में दो लाख 30 हजार से ज्यादा नल कनेक्शन हैं। इसके जरिए नगर निगम घर-घर तक सुबह और शाम पानी पहुंचाता है। इनमें बल्क कनेक्शन भी शामिल हैं। बल्क कनेक्शन की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए वे बल्क की जगह व्यक्तिगत यानी सिंगल कनेक्शन की मांग उठा रहे हैं।
बहुत सारे उपभोक्ताओं को मिलाकर निगम बल्क कनेक्शन दे रहा है। इसमें कई व्यावहारिक दिक्कतें भी लोगों के सामने आ रही हैं। इसलिए वे चाहते हैं कि व्यक्तिगत कनेक्शन मिलें। इससे लोग अपने हिसाब से कनेक्शन ले लेंगे और उन्हें ज्यादा कीमत भी नहीं चुकाना पड़ेगी। बल्क कनेक्शन में एक हजार लीटर पर 36 रुपए चुकाने पड़ते हैं, लेकिन निजी कनेक्शन मिलने पर यह खर्च घटकर करीब 16 रुपए प्रतिदिन हो जाएगा।

प्रस्ताव-2 : मैरिज रजिस्ट्रेशन फीस में 3900 रुपए की कटौती निगम के मुताबिक, अब तक निर्धारित शुल्क 1100 रुपए है। विलंब शुल्क 500 रुपए प्रति वर्ष और अधिकतम विलंब शुल्क 5 हजार रुपए लिया जाता था। प्रस्ताव पास होने के बाद रजिस्ट्रेशन फीस 130 रुपए लगेगी। ये राशि 30 दिन के अंदर आवेदन करने पर देना होगी।
यदि 30 दिन के बाद आवेदन किया तो 1100 रुपए लगेंगे। यानी, पहले अधिकतम राशि 5 हजार रुपए थी, उसमें 3900 रुपए की कटौती की जा रही है।
प्रस्ताव-3 : अमृत 2.0 से जुड़ा यह प्रस्ताव एजेंडे में जो तीसरा प्रस्ताव शामिल हैं, वह अमृत 2.0 से संबंधित है। अंशदान की राशि ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड के जरिए जुटाने संबंधित विभागीय प्रस्ताव मेयर इन कौंसिल की अनुशंसा सहित निगम परिषद को विचार के लिए प्राप्त हुआ है।
इसमें कुल 1757.2 करोड़ रुपए खर्च होगा। केंद्र एवं राज्य सरकार से 1263.5 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे। वहीं, बाकी 493.49 करोड़ रुपए निगम के स्वयं के स्रोतों से व्यवस्था की जाएगी। इसमें 200 करोड़ रुपए ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से जुटाई जाएगी।












