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ग्राम सिंगाजी में डोंगे पर मछलियां पकड़ने में माहिर तीनों भाई- बहन अंतरराष्ट्रीय मेडल झपट रहे हें।

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ग्राम सिंगाजी में डोंगे पर मछलियां पकड़ने में माहिर तीनों भाई- बहन अंतरराष्ट्रीय मेडल झपट रहे हें।

छोटे भाई सुदीप डिमर ने एक साथ 6 गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीते।

खंडवा। सिंगाजी के डीमर परिवार ने विदेशी स्टाइल की कयाकिंग कैनोइंग खेल प्रतियोगिता में विश्व स्तर पर धूम मचा रखी है। दो बहनें विश्व स्तर पर सफलता का पररचम लहरा चुकी हैं। अब उनके 15 वर्षीय छोटे भाई सुदीप डीमर ने भी इसी प्रतियोगिता में 6 गोल्ड और दो सिल्वर जीतकर नया कीर्तिमान बनाया है।समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि
बड़ी बहन कावेरी नौसेना में इसी खेल के जरिए अधिकारी बन गई हैं। दीपिका भी कई गोल्ड मेडल जीतकर अब बड़े पद पर चयनित होंगी। 15 साल के उनके छोटे भाई सुदीप ढीमर ने भी प्रतिभा दिखाई और कयाकिंग कैनोइंग खेल में आगे बढ़ गया। फिलहाल वह भोपाल में आयोजित चौथी ड्रैगन वोट सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में एक साथ 6 मेडल गोल्ड और दो सिल्वर पदक जीत चुका है। एशियाई चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए कावेरी दीपिका अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण एवं जेएसडब्ल्यू फिजिकल टेस्ट के बाद कोटेश्वर उत्तराखंड के कैंप में भी टेस्ट के लिए भाग लेंगी । वहां से एशियाई वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सेदारी निभाएंगी।

मां नर्मदा और सिंगाजी की गोद में आगे बढ़े खिलाड़ी

समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि सिंगाजी की छत्रछाया में उभरे इंदिरा सागर में इन तीनों के पिता मछली पकड़ने का काम करते हैं। ₹40000 का कर्ज़ ठेकेदार से ले लिया। रात भर जाल बिछाकर नाव से मछलियां पकड़ना इनका काम हो गया था। कर्ज उतारने के लिए रात के ठंडे पानी में भी तीनों बच्चे काम पर लगे रहते थे।
पेड़ की मोटी लकड़ी से डोंगा बनाकर पतवार के जरिए पानी में आगे बढ़ा जाता है। तीनों बच्चे पतवार चलाने में माहिर हो गए। विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में इसी को विशुद्ध नियम बनाकर अंतर्राष्ट्रीय कैनोइंग खेल बनाया गया है। जरा से प्रशिक्षण के बाद तीनों भाई-बहन वर्ल्ड लेवल के नौकाचालक बन गए हैं। बस यही हुनर उन्हें अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि दिला रहा है।

ऐसे बदली इनकी किस्मत

समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि खंडवा के एक तत्कालीन खेल अधिकारी ने इन्हें भोपाल, बेंगलुरु, दिल्ली भेजा। अब वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतने लगे हैं।

छोटा भाई सुदीप रचने लगा इतिहास

कावेरी और दीपिका के 15 वर्षीय छोटे भाई सुदीप ढीमर ने भी कयाकिंग कैनोइंग खेल में प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। विगत दिनों 5 जनवरी से 8 जनवरी तक भोपाल में आयोजित 14 वीं ड्रैगन बोट सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 6 गोल्ड और दो सिल्वर पदक जीते हैं। अपनी दोनों बहनों एवं प्रशिक्षक से विदेशी खेल केनोइंग में बहनों की तरह बढा लिए हैं।

कावेरी ने जीते हैं 50 से ज्यादा मैडल

सुदीप की बड़ी बहन कावेरी ने जहां 50 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेडल जीतकर नेवी में अधिकारी का पद हासिल किया। वहीं छोटी बहन दीपिका भी लगातार खेलों में मेडल प्राप्त कर रही हैं, दोनों बहनें इस समय एशियन गेम्स के लिए बेंगलुरु जे एस डब्ल्यू में फिजिकल टेस्ट के लिए मौजूद हैं।

पूरा परिवार बना अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी

कोटेश्वर उत्तराखंड में आयोजित कैंप में में भी शामिल होंगी, साथ ही इस वर्ष होने वाले एशियाई चैंपियनशिप वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे काॅम्पीटिशन में भी कावेरी और दीपिका भाग लेकर प्रदर्शन करेंगी। इसकी तैयारियां कैंप में चल रही हैं। नाव चला कर कावेरी की छोटी बहन 15 वर्षीय दीपिका ढीमर ने भी रोयांग थाईलैंड में आयोजित कयाकिंग केनोइंग इंटरनेशनल चैंपियनशिप सी 2 जूनियर वुमन 200 मी प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल जीता था।

पिता का कर्ज उतारने के लिए की थी मेहनत

समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि कावेरी दीपिका सुदीप डीमर ने खंडवा में बने इंदिरा सागर बांध के बैकवॉटर में अपने पिता का कर्ज उतारने के लिए नाव चला कर मछली पकड़ने पकड़ने के साथ नाव चलाने की कला को सीखा।

चीन, जापान, थाईलैंड में मेडलो की बरसात

तत्कालीन खेल अधिकारी जोसेफ बाक्सला ने इन बहनों को वाटर स्पोर्ट्स अकादमी भोपाल में भेज दिया था। भोपाल अकादमी में विदेशी खेल कैनोइंग में कावेरी ने महारत हासिल की। कावेरी ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए कावेरी ने एशियन चैंपियनशीप थाइलैंड में ब्रांज मेडल, एशियन गेम चाइना, वर्ल्ड चैंपियनशीप जर्मनी, एशियन चैंपियनशीप एंड ओलंपिक क्वालिफायर जापन, एशियन चैंपियनशीप उजबिकीस्तान, यू-23 एशियन चैंपियनशीप थाईलैंड में भी हिस्सा लिया। नेशनल चैंपियनशीप में 50 से अधिक गोल्ड, सिल्वर व ब्रांज मेडल जीते।

शिवराज ने दिए थे 11 लाख रुपए

तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उसे 11 लाख रुपए का इनाम भी दिया था। कावेरी का बचपन गरीबी में बीता। यही नहीं पिता के बिछाए जाल से मछलियां भी बीनती थीं।

इन्होंने भी सराहा उपलब्धि को

सुदीप डीमर की इस उपलब्धि पर मंत्री कुंवर विजय शाह, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, क्षेत्र के विधायक नारायण पटेल, कंचन तनवे, छाया मोरै,कलेक्टर ऋषव गुप्ता,डीआईजी
मनोज राय, राजपाल सिंह तोमर, प्रवक्ता सुनील जैन, नारायण बाहेती ने कावेरी दीपिका को अग्रिम बधाई देते हुए भोपाल में मेडल प्राप्त करने के लिए सुदीप को बधाई एवं शुभकामना प्रेषित की।

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