
जल संरक्षण के लिए जिला व जनपद सदस्यों, सरपंचों व पार्षदों की कार्यशाला सम्पन्न

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जिले का भूजल स्तर बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे
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खण्डवा#मिशन_अमृत_संचय_अभियान के तहत खण्डवा जिले में कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता के मार्गदर्शन में जल संरक्षण के क्षेत्र में लगातार कार्य जारी हैं। जल संरक्षण सम्बंधी अनुभवों को साझा करने और इस सम्बंध में किए जाने वाले नवाचारों के सम्बंध में परिचर्चा के लिए मंगलवार को किशोर कुमार सभागृह में जिला पंचायत के सदस्यों, जनपद पंचायत के सदस्यों, नगरीय निकायों के पार्षदों, ग्राम पंचायत के सरपंचों और नगरीय निकायों के वार्ड प्रभारी, पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायकों का सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यशाला में विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तन्वे, खण्डवा की महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव, नगर निगम अध्यक्ष श्री अनिल विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी सुदेश वानखेड़े, उपाध्यक्ष श्री दिव्यादित्य शाह के अलावा कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता एवं जिला पंचायत के सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौैड़ा ने सम्बोधित किया।
विधायक श्रीमती कंचन तन्वे ने इस अवसर पर कहा कि जल संरक्षण के मामले में हमारा जिला देश व प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। इस प्रथम स्थान की रैंक को बरकरार रखने के लिए हमें आगे भी जल संरक्षण के लिए लगातार अच्छा कार्य करना होगा। उन्होंने सभी से अपने घरों की छतों पर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने और घरों के आसपास पौधरोपण करने की अपील की।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती यादव ने कहा कि हर वर्ष भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। हमें आज से ही पानी बचाने के लिए विशेष प्रयास करना होंगे। पानी बचाने की दिशा में हम अभी नहीं जागे, तो बहुत देर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल की पूजा की जाती है, इसलिए हमें जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सभी से कहा कि अपने अपने घरों के नलों में टोंटियां अवश्य लगवायें।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वानखेड़े ने इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों से कहा कि गांव-गांव में पानी का महत्व बतायें और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए सभी से वर्षा का पानी बचाने की अपील करें। उन्होंने अपील की कि पहले वे अपने घरों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवायें और फिर गांव के अन्य लोगों को भी उनके घरों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के लिए प्रेरित करें। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दिव्यादित्य शाह ने कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए कहा कि अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें आज से ही पानी बचाने के प्रयास करने होंगे। उन्होंने सभी से पानी का अपव्यय न करने की अपील की।
कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि हमें पानी का मोल पहचानना होगा। उन्होंने कहा कि पानी बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सभी को मिलकर पानी बचाना होगा। हम जितना पानी खर्च करते हैं, उतना पानी बचाने की जिम्मेदारी भी हमारी ही है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि जिले की हर पक्की छत से वर्षा का पूरा पानी भूजल संवर्धन के उपयोग में आए, यह अगले एक वर्ष में हमें सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अमृत संचय अभियान के तहत हमें जिले के सभी शासकीय व प्राइवेट भवनों, होटल, वेयरहाउस, नर्सिंग होम, प्रायवेट स्कूल कॉलेज व अन्य वाणिज्यिक संस्थानों के भवनों की पक्की छतों पर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाना है, ताकि वर्षा के पानी की हर बूंद जमीन में समाकर भूजल स्तर को बढ़ाए। उन्होंने कहा कि 30 जून, 2026 तक प्रत्येक पक्की छत पर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के लिए “मिशन अमृत संचय” प्रारंभ किया गया है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौड़ा ने विस्तृत पावर पॉइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से मिशन अमृत संचय अभियान के बारे में समझाया। उन्होंने बताया कि मिशन अमृत संचय के तहत भूजल संरक्षण की दिशा में सराहनीय कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों, नगर निगम तथा नगर परिषद के वार्डों, जनपद पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने सभी पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को निर्देश दिए कि हर शासकीय भवन की पक्की छत पर रूफवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाए और छत के सबसे निचले हिस्से से पानी को नीचे जमीन तक लाने के लिए पाइप फिटिंग कराएं। डॉ. गौड़ा ने कहा कि पानी बचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में बोरी बंधान, डगवेल रिचार्ज, हैंड पंपों के आसपास सोखता गड्ढे बनाने, मेढ़ बंधान, नाला गहरीकरण कंटूर ट्रेंच जैसी जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।













