
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान द्वारा एकीकृत फार्मिग क्लस्टर परियोजना के तहत जनपद पंचायत पेण्ड्रा में चार आजीविका सेवा केंद्रों-कोटमीकला, भाड़ी, देवरीखुर्द और नवागांव की स्थापना की गई है। इन सेवा केंद्रों के सहयोग से समूह की महिलाएं लखपति दीदी बनेंगी। जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे ने इन केंद्रों का शुभारंभ किया। सेवा केंद्रों में शामिल 16 ग्रामों की 1203 महिला किसानों की पहचान कर उन्हें मुख्य रूप से कृषि से संबद्ध आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है। इनमें 530 महिलाओं को सब्जी बाड़ी, 220 महिलाओं को मुर्गी पालन, 354 महिलाओं को बकरी पालन और 99 महिला किसानों को मछली पालन आजीविका गतिविधि से जोड़ा गया है। 
आजीविका सेवा केंद्र कोटमीकला के अंतर्गत ग्राम कोटमीकला, दमदम, गोढ़ा एवं केशला, आजीविका सेवा केंद्र भाड़ी के अंतर्गत ग्राम भाड़ी, विशेषरा, सकोला एवं कंचनडीह, आजीविका सेवा केंद्र देवरीखुर्द के अंतर्गत ग्राम देवरीखुर्द, देवरीकला, अमारू एवं तिलोरा और आजीविका सेवा केंद्र नवागांव के अंतर्गत ग्राम नवागांव, बारीउमरांव, झाबर एवं गिरारी को शामिल किया गया है। आदर्श महिला संकुल संगठन कोटमीकला को नोडल बनाया गया है।
जिला मिशन प्रबंधक आजीविका मिशन श्री दुर्गा शंकर सोनी ने बताया कि इन ग्रामों के चयनित महिला किसानों से अब तक प्रत्येक आजीविका सेवा केंद्र के लिए 6 के मान से 24 महिला उद्यमिकों का चयन किया गया है, जिनके द्वारा संबंधित आजीविका सेवा केन्द्र में हितग्राहियों के लिए खेती हेतु बीज, जैविक खाद और मुर्गी, बकरी, मछली पालन हेतु अच्छी नस्ल की ब्रीड और उनके चारा-दाना, वैक्सीन आदि आवश्यकतानुसार आपूर्ति किया जाएगा। जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता शर्मा ने कहा कि महिला किसानों द्वारा उत्पादित फसलों एवं उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार व्यवस्था सामूहिक रूप से आजिविका सेवा केन्द्र के माध्यम से की जाएगी, जिससे उन्हें उचित लाभ मिल सके। सेवा केंद्र के शुभारंभ अवसर पर विकासखण्ड परियोजना प्रबंधक सुश्री मंदाकिनी कौशरिया, श्री लोकेश कुमार कहरा आई.सी.एंकर, पीआरपी श्रीमती पल्टिन सोनवानी एवं कलस्टर संगठन के पदाधिकारी उपस्थित थे।









