
*किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत जीवोदय गर्ल्स होम और मुस्कान बालिका गृह का निरीक्षण*
*खंडवा जिले की नाबालिग बालिका से आत्मीय संवाद, दिवाली की शुभकामनाएं और मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन*
खंडवा, दिनांक — 25 अक्टूबर 2025
किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 54 के अंतर्गत न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा के अध्यक्ष श्री प्रवीण शर्मा ने इटारसी स्थित जीवोदय गर्ल्स होम एवं मुस्कान बालिका गृह का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान शर्मा ने इन गृहों में रह रही खंडवा जिले की नाबालिग बालिका से मुलाकात की तथा उसके रखरखाव, देखरेख, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बालिका का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि – “जीवन की हर परिस्थिति में शिक्षा और आत्मविश्वास सबसे बड़ी शक्ति हैं, इनसे ही व्यक्ति अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकता है।”
शर्मा ने दोनों संस्थानों में अन्य बालिकाओं से भी आत्मीय चर्चा की और संस्थान प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रत्येक बालिका को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और विकासोन्मुख वातावरण प्रदान किया जाए।
निरीक्षण उपरांत प्रवीण शर्मा ने सभी बालिकाओं को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और मिठाई वितरित की, जिससे वातावरण में उत्साह और आत्मीयता का संचार हुआ।
*मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला*
निरीक्षण के अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य एवं ध्यान-योग पर केंद्रित विशेष कार्यशाला का भी आयोजन किया गया।
इसमें स्वामी आनंद देव ने “ध्यान एवं योग के माध्यम से मानसिक स्थिति को संतुलित रखने के उपाय” विषय पर मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा —“मन को नियंत्रित करना ही सबसे बड़ा योग है। ध्यान से व्यक्ति अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानकर हर कठिन परिस्थिति पर विजय पा सकता है।”
बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए जीवन में योग और ध्यान अपनाने का संकल्प लिया।
निरीक्षण में मिली संतोषजनक व्यवस्थाएँ
निरीक्षण के दौरान दोनों संस्थानों की व्यवस्थाएँ संतोषजनक पाई गईं। समिति अध्यक्ष श्री प्रवीण शर्मा ने कहा कि बालिकाओं के शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास के क्षेत्र में संस्थानों द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि समिति निरंतर ऐसे निरीक्षण करती रहेगी ताकि प्रत्येक बालिका के अधिकारों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जा सके।












