
*खण्डवा में लगेगी दुनिया की सबसे ऊंची ध्वजा-दादा गुरु*

*आत्मनिर्भर भारत मे वैश्य महासम्मेलन की महत्वपूर्ण भूमिका*
खण्डवा। आत्मनिर्भर भारत में वैश्य महासम्मेलन की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के आर्थिक विकास , धर्म ,सनातन संस्कृति,जीवन व व्यवस्था में वैश्य बन्धुओ का महत्वपूर्ण योगदान है।दादाजी जीवंत है ,प्रत्यक्ष है, कल भी थे, आज भी है और सदैव रहेंगे।दादाजी के शताब्दी वर्ष 2030 तक दादाजी का भव्य मंदिर बन जाएगा। सदी की मांग है कि इस सदी में हमें अपनी भूमिका का महत्वपूर्ण निर्वाह करना है ।हमें दुनिया में कहीं नहीं जाना है ,सारी दुनिया खंडवा आएगी। अपनी यही अयोध्या है, यही मथुरा है और यही काशी है ।देश दुनिया से दर्शन के लिए श्रद्धालु खंडवा आते हैं। मेरी बड़ी इच्छा है कि खंडवा दादा जी के नाम से तो जाना ही जाता है। यहां पर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हम सभी को मिलकर ध्यान देना है ।यही सबसे बड़ा आधार है। हर समाज मिलकर शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में खंडवा में ऐसा कार्य करें जिससे देश का हर व्यक्ति यह कहे कि हमारे बच्चे का भविष्य खंडवा में बनेगा। हमें स्वास्थ्य लाभ खंडवा में मिलेगा। जिंदगी को बनाने व जिंदगी को बचाने में खंडवा की पहचान बने। खंडवा पंचम धाम है। खंडवा में जन भागीदारी में स्वास्थ्य व शिक्षा के प्रकल्प प्रारंभ करें । जैसे अयोध्या में सहयोग मिला वैसा खण्डवा में भी सभी का सहयोग मिलेगा।एक विचार जीवन का आधार है। उपरोक्त उदगार नर्मदा परिक्रमा वासी दादा गुरु ने वैश्य महासम्मेलन खंडवा इकाई द्वारा गणेश गौशाला में आयोजित धर्म सभा में व्यक्त करते हुए कहे ।मीडिया प्रभारी नारायण बाहेती व सुनील जैन ने बताया कि दादा गुरु ने वैश्य महासम्मेलन व वैश्यजनों से प्रत्येक सदस्य से गांव एवं शहर में एक एक पेड़ लगाने की बात कही। एक पेड़ लगाने से हवा मिट्टी और पानी तीनों का लाभ मिलेगा। मां के आंचल से जो आहार करता है ।वही जीवन का आधार है ।पेड़ों में, पहाड़ों में ,नदियों में संवेदना है ।भारत में हजारों वर्षों से यह जानते हैं। आज इसको सारी दुनिया मान रही है ।धरा और धेनु का अटूट संबंध है ।गाय कई प्रकार की बीमारियों से बचाती है।गौ सेवा अवश्य करे। वैश्विक संकट और चुनौतियों का जवाब भारत ही दे सकता है। हम प्रकृति और धरती के बीच समन्वय करते हैं ।प्रकृति से हमारा गहरा रिश्ता है। दादा गुरु ने कहा कि ममता समता और क्षमता का प्रतीक के रूप में खंडवा में दुनिया की सबसे बड़ी ध्वजा लगाई जाएगी। जिसका भूमि पूजन 4 माह की परिक्रमा के बाद करेंगे।उन्होंने एक बड़ा विश्व विद्यालय भी खोलने की बात कही जिसमे सभी प्रकार की शिक्षा होगी। जो सभी के समाधान के साथ आने वाली पीढ़ी का आधार बनेगा। दादा गुरु ने दादाजी कालेज के पास त्रिवेणी विहार का अवलोकन किया ।पौधों की प्रगति देख प्रसन्नता जाहिर की।श्री दादाजी इंजीनियरिंग कालेज में छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान किया। श्री गणेश गौशाला में गायों की सेवा की।श्री महालक्ष्मी पूजन व आरती से वैश्य महासम्मेलन की धर्मसभा प्रारम्भ हुई।कार्यक्रम का संचालन करते हुए इंजीनियर अखिलेश गुप्ता ने दादा गुरु के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।वैश्य समाज के पदाधिकारियों का परिचय करवाया। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया वैश्य समाज के सभी घटकों के 12 वी टॉपर छात्रों का दादा गुरु के हाथों शील्ड व सर्टिफिकेट से सम्मान कराया।उन्होंने धर्म,शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग का संकल्प दिलाया। अंत में वैश्य साथी रितेश गोयल ने परिवार सहित उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त करते हुए संत दादा गुरु को बालाजी की 81 फिट ऊंची मूर्ति और पर्यावरण के क्षेत्र में वृक्षों के वृक्षों के कार्यक्रम के स्थानांतरण के कार्यों के बारे में दादा गुरु को जानकारी प्रस्तुत करते हुए स्मृति चिन्ह देकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर विधायक कंचन तनवे के साथ ही वैश्य महासम्मेलन के पदाधिकारियों लखनलाल नागौरी,अखिलेश गुप्ता ,दीपक पालीवाल,राकेश पालीवाल,संजय तापड़िया,अजय लाड,अभिषेक अग्रवाल,सनत श्रीमाली, सुभाष खंडेलवाल, देवेंद्र जैन, शैलेश पालीवाल, शरद खंडेलवाल,दिलीप दशोरे,नारायण बाहेती,सुनील जैन ,श्याम दलाल, सुरेन्द्रसिंह सोलंकी सतनाम सिंह होरा, संदेश गुप्ता, अक्षांत अग्रवाल,महिला इकाई की निशा अग्रवाल,मनीषा गुप्ता,सीमा गुप्ता,शालिनी अग्रवाल,ज्योति दशोरे, पूजा अग्रवाल अंतिम करोड़ी, व अन्य सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अखिलेश गुप्ता द्वारा किया गया।










