
त्रिलोक न्यूज़ मध्य प्रदेश सहायक प्रमुख प्रवीण कुमार दुबे 8839125553
Ken Betwa Link Project: केन-बेतवा परियोजना से पन्ना का जंगल डूबेगा, टेरिटरी छोड़ेंगे बाघ। प्राकृतिक कॉरिडोर से नए घर की तलाश में वे वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व पहुंचकर जंगल की सत्ता बदल सकते हैं। (mp news)
Panna Tiger Reserve: बाघ पुर्नस्थापना मामले में वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व आने वाले दिनों में पन्ना टाइगर रिजर्व के बाघों का नया और पंसदीदा ठिकाना बन सकता है। दरअसल पन्ना टाइगर रिजर्व पहले से ही टेरोटरी को लेकर बाघ संघर्ष से जूझ रहा है, और अब केन बेतवा लिक परियोजना की वजह से रिजर्व के कोर एरिया का बड़ा हिस्सा डूब क्षेत्र में आ जाएगा, जिससे यहां के बाघ प्राकृतिक कॉरीडोर से बीडीटीआर में पहुंचेंगे। अभी यहां लगभग 100 से अधिक बाघ होने का अनुमान है। पन्ना टाइगर रिजर्व और वीडीटीआर के बीच बाघों का प्राकृतिक कॉरीडोर है, जहां से यह आना-जाना करते हैं। (mp news)
पीटीआर की 5800 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में
बता दें कि केन बेतवा लिक परियोजना (Ken Betwa Link Project) का सीधा असर पन्ना टाइगर रिजर्व पर पड़ने जा रहा है। परियोजना के चलते पीटीआर के कोर एरिया का 10 फीसदी से ज्यादा इलाका यानी करीब 5800 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में समा जाएगी। इससे बाघों का प्राकृतिक आवास प्रभावित होगा और कई बाघों को अपना इलाका छोड़कर अन्य स्थानों की ओर पलायन करना पड़ सकता है, जिनका वैकल्पिक नया ठिकाना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व माना जा रहा है।










