
*लायन्स भोजन सेवा केंद्र पर पितृपक्ष में विधि-विधान से कराया जा रहा विशेष भोजन*
*दानदाता पूर्वजो की स्मृति में मनचाही तिथि पर अपने हाथों परोसते हैं भोजन*
खण्डवा। लायन्स भोजन सेवा केंद्र जिला चिकित्सालय परिसर में पितृ पक्ष की 16 तिथियों पर दानदाताओं के सहयोग से प्रतिदिन विधि-विधान से पूर्वजों का स्मरण कर विशेष भोजन कराया जा रहा है। इस अवसर पर ब्राह्मण भोजन व गौ ग्रास के पश्चात मरीजों व परिजनों को प्रेमपूर्वक बैठाकर भोजन कराया जाता है।
नारायण बाहेती ने बताया कि लायन्स क्लब खण्डवा द्वारा 25 वर्षों से जिला चिकित्सालय परिसर में संचालित लायन्स भोजन सेवा केन्द्र में चेयरमेन गांधी प्रसाद गदले, को-चेयरमेन नारायण बाहेती व राजीव शर्मा तथा सदस्य अखिलेश गुप्ता, बी.आर. तिरोले, सुशीला गदले, सनत श्रीमाली, रेखा राम स्नेही, लायन्स क्लब अध्यक्ष आशा उपाध्याय, सचिव ओमप्रकाश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष पवन लाड़ के नेतृत्व में प्रतिदिन 250 से अधिक मरीजों, परिजनों व जरूरतमन्दों को भोजन कराया जाता है।
श्राद्ध पक्ष में भोजन करवाने का विशेष महत्व है। शास्त्रों में कहा गया है –
“अन्नदानं परं दानं” अर्थात सभी दानों में अन्नदान श्रेष्ठ है।
पितृपक्ष में किया गया अन्नदान न केवल पूर्वजों को तृप्त करता है बल्कि संतति को पितरों का आशीर्वाद, समृद्धि और आरोग्य प्रदान करता है। गरुड़ पुराण और मनुस्मृति में उल्लेख है कि श्राद्धकाल में ब्राह्मणों व जरूरतमंदों को कराया गया भोजन पितरों तक पहुँचता है और उन्हें संतुष्ट करता है।
श्राद्ध पक्ष की पूर्णिमा (7 सितम्बर) से प्रारम्भ की गई यह विशेष सेवा सर्वपितृ अमावस्या (21 सितम्बर) तक कोई भी दानदाता अपने पूर्वजों की स्मृति में मनचाही तिथि पर मनचाहे सहयोग के साथ अपने हाथों भोजन परोसने की सेवा कर रहे हैं। लायन्स भोजन सेवा केंद्र जिला चिकित्सालय परिसर में प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से टेबल-कुर्सी पर बैठाकर खीर,पूड़ी, भजिये दाल चावल , कड़ी, सब्जी,फल, युक्त भोजन कराया जाता हैं। श्राद्ध में प्रतिदिन गोग्रास व ब्राम्हणों को भी विधिवत भोजन कराया जा रहा है।
इस अवसर पर पदाधिकारियों के साथ ही रीजन चेयरपर्सन राजीव मालवीय, झोन चेयरपर्सन अणिमा उबेजा, घनश्याम वाधवा, समाजसेवी सुनील जैन, मधुबाला शेलार, लियो अध्यक्ष सुमित परिहार, सचिव अभिषु शर्मा, कोषाध्यक्ष केतन वर्मा सहित लायन्स व लियो सदस्यों ने समाजजनों से अपील की कि वे श्राद्ध पक्ष में भोजन सेवा में सहभागी बनकर पूर्वजों को तृप्त करने और अन्नदान महादान का पुण्य अवश्य अर्जित करे।









