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पदमकुंड के प्राचीन कछुए की सुरक्षा हेतु नगर निगम खंडवा की पहल- महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने कृत्रिम कुंड भैरोतालाब का किया निरीक्षण।

मूर्तियों को विसर्जित करने के लिए तीन कृत्रिम कुंडो का किया गया है निर्माण सभी सहयोग प्रदान करें, ,महापौर,

पदमकुंड के प्राचीन कछुए की सुरक्षा हेतु नगर निगम खंडवा की पहल- महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने कृत्रिम कुंड भैरोतालाब का किया निरीक्षण।

मूर्तियों को विसर्जित करने के लिए तीन कृत्रिम कुंडो का किया गया है निर्माण सभी सहयोग प्रदान करें, ,महापौर,

खंडवा।। इच्छा शक्ति हो तो बड़े से बड़े असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। वर्षों से धार्मिक सामाजिक गण मान्य नागरिक गण प्राचीन ऐतिहासिक पदमकुंड को सुरक्षित रखने की मांग करते आ रहे थे। शहर के गणमान्य नागरिकों द्वारा पदम कुंड जीर्णोद्धार समिति का गठन कर महापौर अमृता अमर यादव से मुलाकात कर पदमकुंड को बचाने एवं उसके सौंदर्यीकरण को लेकर बात रखी थी। महापौर अमृता अमर यादव ने इस विषय को गंभीरता से लिया और अपनी इच्छा शक्ति से पदम कुंड के समीप झीलोध्यान में एक नवीन कत्रीम कुंड का निर्माण करवाया। समाजसेवी सुनील जैन ने समिति की ओर से महापौर को धन्यवाद देते हुए एक अच्छे कदम की सराहना की। सुनील जैन ने बताया कि महापौर अमृता अमर यादव के मार्गदर्शन में जल विभाग के प्रभारी अध्यक्ष राजेश यादव एवं निगम की टीम के द्वारा एक सुंदर कुंड का निर्माण सभी व्यवस्थाओं को लेकर किया गया है जहां प्रतिमाएं विसर्जित की जा सकती है नगर निगम खंडवा ने शहर के प्राचीन जलाशयों एवं उनमें निवास करने वाले जलीय जीव-जंतुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में पदमकुंड, जो कि खंडवा का एक ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व का जलाशय है, वहाँ प्रतिमा विसर्जन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है।पदमकुंड में एक प्राचीन कछुआ वर्षों से निवास करता है। इस जैव विविधता की रक्षा एवं जलाशय की शुद्धता बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम ने यहाँ नागरिकों को प्रेरित करने के लिए एक विशेष संदेश-पट लगाया है।

कछुए का संदेश नागरिकों तक*

बोर्ड पर कछुए की ओर से लिखा गया है:
“मैं पदमकुंड का प्राचीन कछुआ हूँ। नगरवासियों से मेरे घर के संरक्षण के लिए हृदय से धन्यवाद करता हूँ। कृपया मूर्ति विसर्जन केवल कृत्रिम कुंडों में करें और मेरे घर को सुरक्षित रखें। – आपका अपना पदमकुंड का कछुआ।”

*नगर निगम की अपील*
• प्रतिमा विसर्जन के लिए केवल नगर निगम द्वारा बनाए गए कृत्रिम कुंडों अथवा निर्धारित एकत्रीकरण स्थलों का उपयोग करें।
• प्राचीन जलाशयों एवं प्राकृतिक कुंडों की जैव विविधता और पवित्रता की रक्षा में सहयोग दें।
• यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में है, बल्कि खंडवा की ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण का भी प्रतीक है।

*महापौर का संदेश*
माननीय महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने कहा कि –
“नगर निगम खंडवा शहर की प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पदमकुंड जैसे प्राचीन जलाशयों को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। नागरिक प्रतिमा विसर्जन के लिए निगम द्वारा निर्मित कृत्रिम कुंडों का ही उपयोग करें।”

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