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*”कलेक्टर को मजा नहीं आ रहा…” हेलमेट तो पहनना पड़ेगा

*”कलेक्टर को मजा नहीं आ रहा…” हेलमेट तो पहनना पड़ेगा!*

 

इंदौर में हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं वाले कलेक्टर के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में लगी जनहित याचिकाओं की सुनवाई आज हुई… हाईकोर्ट जस्टिस विवेक रुसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी ने दो टूक कहा – ”कलेक्टर को इसमें कोई मजा नहीं आ रहा है… यह आदेश लोगों की जान की सुरक्षा को देखते हुए निकाला गया है… आगामी दिनों में हाईकोर्ट भी अपने कर्मचारियों के लिए इसको लेकर नियम लागू करेगी, ताकि कोर्ट में भी बिना हेलमेट के एंट्री ना दी जाए…” बहस के दौरान दोनों जस्टिस आगे ये भी बोले – ”हमने अभी कोर्ट के बाहर ही देख लिया कि एक वाह पर पांच लोग सवार होकर जा रहे थे और उनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था, जबकि उनके साथ एक छोटा बच्चा भी था… ऐसे लोग वाहन चलाने के दौरान ना केवल अपने लिए खतरा बनते हैं, बल्कि वे जिससे भी टकराते हैं उसके लिए भी खतरा हैं… इसलिए लोगों की सुरक्षा के लिहाज से हेलमेट अनिवार्य होना ही चाहिए…” मालूम हो कि शहर में ट्रैफिक सुधार को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष जस्टिस भय मनोहर सप्रे ने पिछले दिनों बैठक के बाद कलेक्टर को निर्देश दिए थे कि वे सभी शासकीय कर्मियों, पुलिस विभाग के अलावा स्कूलों-कॉलेजों सहित अन्य शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थियों के लिए हेलमेट अनिवार्य करें… इसके बाद इंदौर कलेक्टर ने सभी के लिए नो हेलमेट- नो पेट्रोल वाला आदेश निकाल दिया…

 

*जनता को लेना था विश्वास में… थोप दिया आदेश!*

 

जनहित याचिका पर बहस के दौरान एडवोकेट रितेश ईनानी और एडवोकेट पंकज वाधवानी ने कहा कि ”कमेटी ने तो सड़क के ब्लैक स्पॉट, गड्ढे आदि मुद्दे पर भी कहा था… उन पर भी तो सुधार होने की आवश्यकता है… हेलमेट का नियम अगर लागू करना ही था तो पहले जनता को विश्वास में लेना था, उसके बाद धीरे-धीरे लागू करना था… जबकि एकदम से नियम लागू करके एक तरह से जनता पर थोप दिया गया है…” इस पर कोर्ट ने कहा – ”इय नियम के तहत एक महीने देख लेते हैं कि क्या प्रतिसाद मिल रहा है, फिर आगे कोई भी निर्णय लिया जाएगा…” फिलहास इस बहस के बाद हाईकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया है..!

 

*भाजपा-कांग्रेस भी आई जनता के साथ…*

 

सोशल मीडिया से लेकर चाय के ठियों-चौराहों पर हेलमेट के आदेश के खिलाफ भड़ास निकाली जा रही है… हर आमजन का कहना है कि हेलमेट पहनने की मनाही नहीं है, लेकिन एकदम से थोपना गलत है… वहीं सड़कें भी खुदी पड़ी हैं और यातायात जवानों सहित अन्य मुद्दे भी हैं… पहले ये व्यवस्थाएं भी दुरुस्त होना चाहिए… जनता का विरोध देख पहले कांग्रेस ने जनता के पक्ष में बयानबाजी करते हुए विरोध किया, तो जनता का पलड़ा भारी देख भाजपा भी जनता के साथ हुई… पहले भाजपा कार्यालय पर बैठक हुई, तो आज सुबह ही कलेक्टर से महापौर पुष्यमित्र भार्गव और शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा मिले… उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर आदेश में शिथिलता बरती जाए… अब गेंद कलेक्टर के पाले में है… अब देखना होगा कि नेताओं की मांग और कोर्ट के निर्देशों के बाद हेलमेट के मुद्दे पर जनता को कुछ राहत दी जाती है या हेलमेट की अनिवार्यता इसी तरह कायम रहेगी..?

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