खरगोनमध्यप्रदेश

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आईसीजेएस प्रणाली सीसीटीएनएस के सफल क्रियान्वयन के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा ली गई समन्वय बैठक

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ICJS प्रणाली व CCTNS के सफल क्रियान्वयन के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा ली गई समन्वय बैठक

 

जिले में ICJS प्रणाली पूर्णतः लागू करने लाया गया पायलट प्रोजेक्ट

 

पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा किया गया जिले का चयन

 

📝खरगोन से ब्यूरो चीफ अनिल बिलवे की रिपोर्ट…

खरगोन 15 जुलाई 2025। खरगोन जिले में Inter&Operable Criminal Justice System (ICJS) को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 14 जुलाई को पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीना की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया।बैठक में जिले के चिकित्सा विभाग अधिकारी, अभियोजन विभाग से अधिकारी, अभियोजन विभाग (Prosecution) तथा तकनीकी शाखा (CCTNS, e-Prosecution, MedLeaPR½) के अधिकारियों ने भाग लिया।

 

     इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, चिकित्सा, फॉरेंसिक और जेल विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर ICJS के माध्यम से एकीकृत डिजिटल सूचना साझा करना है। इसके अंतर्गत केस से जुड़ी सभी जानकारियाँ रीयल टाइम में संबंधित विभागों के साथ साझा की जा सकती हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता और तीव्रता आती है ।

 

   आयोजित बैठक मुख्यतः निम्न बिन्दुओ पर केन्द्रित रही, जिसपर प्रभावशील कार्य कर जिले में लागू किया जा सकता है। ICJS के 5 स्तंभों के बीच डेटा इंटर ऑपरेबिलिटी को लागू करने की रणनीति, CCTNS के माध्यम से एफआईआर, केस डायरी एवं जांच प्रक्रिया को ICJS से जोड़ना, e-Prosecution पोर्टल के माध्यम से अभियोजन अधिकारियों द्वारा डिजिटल रूप में स्क्रूटनी हेतु केस डायरी भेजना व विधिक अभिमत प्राप्त करना, CIS के माध्यम से न्यायालयों द्वारा E-Samans डिजिटल रूप से प्राप्त समंस/वारंटो की शत प्रतिशत तामिली कराना? E-Sakshya मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अपराधिक प्रकरणों में फोटोग्राफी एवं विडियोग्राफी करना, E-Vivechna के माध्यम से पंजीबद्ध अपराधिक प्रकरणों की विवेचना करना है।

 

 साथ ही MedLeaPR प्रणाली के अंतर्गत मेडिकल रिपोर्ट एवं परीक्षणों को भी CCTNS से जोड़कर अभियोजन और न्यायालय को समय पर उपलब्ध कराना, प्रत्येक थाने, अभियोजन कार्यालय व अस्पतालों को तकनीकी रूप से सुसज्जित करने की योजना स्कैनर, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करना। सभी संबंधित अधिकारियों को ICJS पोर्टल संचालन, डेटा अपलोडिंग और रिपोर्ट जनरेशन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

 

पुलिस अधीक्षक श्री मीना ने कहा कि ICJS एक क्रांतिकारी प्रणाली है, जो न केवल अपराध नियंत्रण में सहायक होगी, बल्कि पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस परियोजना के

प्रत्येक चरण में पारदर्शिता, सक्रिय सहभागिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए   

  बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खरगोन श्रीमति शकुन्तला रुहल, जिला अभियोजन अधिकारी, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, जिला चिकित्सा अधिकारी एवं जिला अस्पताल के चिकित्सक, पुलिस विभाग से समस्त एसडीओपी व थाना प्रभारी, जिला ब्ब्ज्छै टीम, पुलिस अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिका पूर्णतः पूर्णतया री उपस्थित रहे।

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