पीलीभीत, [14/07/2025]: पीलीभीत की सड़कों पर, जहाँ जीवन की आपाधापी लगातार जारी रहती है, वहीं कुछ ऐसे दृश्य भी हैं जो शांति और आस्था की अनुभूति कराते हैं। ऐसा ही एक नजारा आज सुबह देखने को मिला जब एक बुजुर्ग व्यवसायी [समय, जैसे सुबह 9:52 बजे] अपनी फूलों की दुकान पर श्रद्धापूर्वक काम करते नजर आए।
तस्वीर में दिख रहा है कि ये मेहनती बुजुर्ग व्यक्ति अपनी दुकान पर विभिन्न प्रकार के ताजे फूलों, जिनमें गुलाबी गुलाब और नारंगी गेंदे शामिल हैं, को बड़े करीने से सजा रहे हैं। उनके चेहरे पर संतोष और समर्पण का भाव साफ झलक रहा है, जैसे वे सिर्फ फूल नहीं, बल्कि आस्था और उम्मीद की किरणें बेच रहे हों। वे पत्तों को संभालते हुए, संभवतः माला बनाने या फूलों को व्यवस्थित करने का काम कर रहे हैं।
यह दृश्य न केवल उनके परिश्रम को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि किस प्रकार पीलीभीत जैसे शहरों में लोग अपनी आजीविका के लिए ऐसे पारंपरिक व्यवसायों पर निर्भर हैं, जो अक्सर धार्मिक अनुष्ठानों और त्योहारों से जुड़े होते हैं। ये फूल मंदिरों में अर्पित किए जाते हैं, घरों को सजाते हैं, और शुभ अवसरों पर खुशियां फैलाने का माध्यम बनते हैं।
यह छोटी सी दुकान, जो संभवतः किसी मंदिर के पास या किसी व्यस्त बाजार में स्थित है, सिर्फ एक व्यवसाय नहीं है, बल्कि यह पीलीभीत की स्थानीय संस्कृति और यहां के लोगों की दिनचर्या का एक अभिन्न अंग है। ऐसे मेहनती लोग ही हमारे समाज की रीढ़ हैं, जो अपनी निष्ठा और समर्पण से न सिर्फ अपना जीवन यापन करते हैं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी सकारात्मकता और खुशबू भरते हैं।
(त्रिलोक न्यूज़ पीलीभीत 24×7)










