
*सद्भावना मंच ने संत कबीरदास की जयंती मनाई*
खंडवा।सद्भावना मंच के सदस्यों ने संत कबीरदास जी की जयंती पर उन्हें स्मरण किया।स्थानीय माली कुआं स्थित मंच के कार्यालय में संत कबीर दास जी के दोहे सुनाकर उन्हें याद किया गया।
सद्भावना मंच के सदस्य कमल नागपाल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर सद्भावना मंच के अध्यक्ष प्रमोद जैन ने कहा कि संत कबीर दास जी ने अपने घर को ही कर्म स्थली बनाया था।उन्होंने दो-दो पंक्ति के यादगार सारगर्भित दोहे रचे जो आज भी कालजयी हैं। उन्होंने अपने दोहों में जीवन को सुखी और सफल बनाने के सूत्र अत्यंत सरल भाषा में बताते थे, अगर इन सूत्रों को जीवन में उतार लिया जाए तो हम निश्चित रूप से कामयाबी भी हासिल कर सकते हैं और आने वाली बड़ी समस्याओं से भी बच सकते हैं। सद्भावना मंच के अध्यक्ष प्रमोद जैन,उपाध्यक्ष सेवा निवृत डीएसपी आनंद तोमर,देवेंद्र जैन, गणेश भावसार,कमल नागपाल, निर्मल मंगवानी,रजत सोहनी और राधेश्याम शाक्य आदि ने संत कबीर दास को याद किया। इस अवसर पर
चलती चक्की देख के,
दिया कबीरा रोए,
दो पाटन के बीच में,
साबूत बचा ना कोय…
बुरा जो देखन मैं चला,
बुरा न मिलिया कोय,
जो दिल खोला आपना,
मुझसे बुरान कोय….
जैसे अनेक दोहे सुन कर उन्हें याद किया गया।









