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*छोटे से गांव से निकलकर यूनिवर्सिटी टॉप कर डॉक्टर बनीं हैं शुभांगी व्यास

*छोटे से गांव से निकलकर यूनिवर्सिटी टॉप कर डॉक्टर बनीं हैं शुभांगी व्यास*

 

🎯 त्रिलोक न्यूज चैनल

इंदौर

 

देवास जिले के इकलेरा माताजी की प्रतिभा शुभांगी व्यास ने अपने प्रथम आने के रिकॉर्ड को कायम रखा और यूनिवर्सिटी में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया। वो ऑटिज़्म पीड़ित मरीजों की सेवा को अपना लक्ष्य बना चुकी हैं। ऑटिज़्म मानसिक विकास से जुड़ी एक बीमारी है इसको मेडिकल भाषा में ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसॉर्डर कहते हैं। इससे पीड़ित व्यक्ति को बातचीत करने में, पढ़ने-लिखने में और समाज में मेलजोल बनाने में परेशानियां आती हैं। दुनियाभर में लाखों लोग ऑटिज़्म से पीड़ित हैं लेकिन अभी तक इसका सही इलाज नहीं मिल पाया है।

 

श्री गोपाल कृष्ण जी व्यास के पुत्र एवं पुत्रवधू सो अनीता आनंद व्यास की ज्येष्ठ पुत्री कु शुभांगिनी व्यास ने अपनी स्कूली शिक्षा मां जनवाणी पब्लिक स्कूल सोनकच्छ से पूर्ण की। शुभांगिनी KG से 12th तक स्कूल में प्रथम आई है 12th के बाद Neet की एग्जाम देकर एमबीबीएस में सिलेक्शन होने के बावजूद अपनी रुचि ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों को ठीक करने एवं समाज की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए ऑक्यूपेशनल थेरेपी कोर्स में एडमिशन लिया ऑक्यूपेशनल थेरेपी की बैचलर डिग्री UG में Madhya Pradesh medical sciences University में भी प्रथम आने का सिलसिला जारी रखा साथ ही इंटर्नशिप में जिन बच्चों का ट्रीटमेंट किया उनके अप्रत्याशित रिजल्ट सामने आए जिसमें पीड़ित बच्चों का ठीक होकर स्कूल की कक्षा में शिक्षा एवं खेल में प्रथम आकर सबको चौंका दिया। आज भी ऐसे अनेक उदाहरण हैं । अभी भी इंग्लैंड के डॉक्टर दंपति अवकाश लेकर इंदौर में रहकर अपने पुत्र का ट्रीटमेंट डॉ. शुभांगिनी व्यास से ही करवा रहे हैं वहीं जब श्री अरविंदो यूनिवर्सिटी का मास्टर्स डिग्री का रिजल्ट आया उसमें भी डॉ शुभांगी व्यास ने यूनिवर्सिटी में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी पूर्ण जीवन की शिक्षा में प्रथम आने की परंपरा को यहां भी सार्थक किया।

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