
एडिटर/संपादक:-तनीश गुप्ता
यशस्वनि एवम मनस्वनि माताजी का हुआ नगर में मंगल प्रवेश,
समाज जनों द्वारा जगह-जगह पर माताजी का पाद पक्षालन कर की आरती,

खंडवा।। वात्सल्य रत्नाकर आचार्य विमलसागर जी की सुयोग्य शिष्या गणिनी आर्यिका 105 स्याद्वादमति माताजी से दीक्षित गणिनी आर्यिका 105 यशस्वनि माताजी एवम आर्यिका 105 मनस्वनि माताजी का खण्डवा में मंगल प्रवेश मंगलवार प्रातः 8 बजे मानसिंग मिल चौराहे से हुआ, समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि शोभायात्रा बैंड बाजे के साथ मानसिंग मिल चौराहे से भगतसिह चौक, श्री महावीर खण्डेलवाल जैन बजरंग चौक घंटाघर ,सराफा,श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर सराफा,हरीगंज,शिवाजी चौक होते हुए जैन रोड पहुँची।जहां पूज्य माताजी के मंगल आशीर्वचन एवम आहारचर्या संपन्न हुई, मंगल प्रवेश पर जगह-जगह माता जी का पाठ पक्षालन कर श्रद्धालुओं ने आरती की, मंगल आगमन पर यशस्वनि माताजी ने कहा कि प्रत्येक मानव को अपना कुछ समय देव, शास्त्र, गुरु को समर्पित करना चाहिए ताकि हमारे जीवन में सुख शांति बनी रहे, जब भी नगर में कोई साधु संत पहुंचे तो उनके सानिध्य एवं प्रवचनों का लाभ सभी ने लेना चाहिए ताकि हमारा जीवन सफल हो सके,मुनि सेवा समिति के प्रचार मंत्री सुनील जैन एवं प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि माताजी मोधट रोड स्थित जैन छात्रावास में विराजमान है प्रातः 8:00 बजे माताजी के प्रवचन के पश्चात आचार्य होगी, माता जी की मंगल लगवानी में अगवानी में समाज के अध्यक्ष वीरेंद्र जैन भटयांण,दिलीप पहाड़िया, विजय सेठी, अविनाश जैन पंकज जैन महल, प्रदीप कासलीवाल, सुनील जैन, अर्पित जैन, संजय पंचोलिया,पवन जैन बरुड सहित समाज जन उपस्थित थे।










