कोरबा – सहायक आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से पूर्व सहायक आयुक्त माया वारियर के कार्यकाल में हुई गड़बड़ी और लगभग तीन करोड़ रुपये के कार्य से जुड़ी फाइल एवं दस्तावेजों के गायब होने के मामले में एक बार फिर जांच बिठा दिया गया है । कलेक्टर अजीत वंसल ने इस मामले को गंभीरता से लिया है , उनहोंने सात सदस्य जांच टीम गठित किया है मामले की जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपी जाएंगी । कलेक्टर ने साफ कहा है कि जांच में दोषी पाएं जानें पर उन पर विधि कार्यवाही करते हुए पुलिस FIR दर्ज कराई जाएगी। जांच आदेश में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 275 (1) मद अंतर्गत राशि रू 627 . 56 लाख आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास रायपुर से परियोजना प्रशासक , एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना कोरबा को प्रदाय किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं अनुविभागीय अधिकारी विद्यत यांत्रिकी लाईट मिशनरी नलकूप एवं गेट कोरबा को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया है । राशि 627 . 56 लाख में से 495 .79 लाख छात्रावास आश्रमों के रेनोवेशन एवं सामाग्री आपूर्ति हेतु सहायक आयुक्त , आदिवासी विकास कोरबा को कार्य एजेंसी नियुक्त करते राशि प्रदान किया गया। जिसमें की राशि 404 .00 लाख सिविल कार्य हेतु प्रदान किया गया , प्रदाय किए गए राशि में से 303 .00लाख का व्यय श्री मति माया वारियर , तत्कालीन सहायक आयुक्त , आदिवासी विकास कोरबा के कार्य काल में किया गया। 
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