सुप्रीम कोर्ट से बार-बार डांट खा लेंगे मगर इलेक्टोरल बॉन्ड को बताएंगे नहीं। लगता है कि भारत सरकार इसी लाइन पर चल रही है कि एक एक याचिका के सहारे जानकारी को सामने आने से रोका जाए, या देरी की जाए ताकि जनता को पता न चले। आखिर इसमें कितना बड़ा घोटाला हो सकता है कि सरकार नहीं बताने के लिए इतना प्रयास कर रही है? आज उद्योग जगत की संस्था फिक्की को जो डांट पड़ी है, उसके सामने स्टेट बैंक आफ इंडिया को पड़ी डांट अब गुलाब जामुन लगने लगी है।
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