राजस्थान

रक्षाबंधन पर गंगधार में दिखी सनातन संस्कृति की झलक, वैदिक विधि से हुआ श्रावणी उपाकर्म l

गंगधार/झालावाड़ आबिद मंसूरी (चीनू)

झालावाड़ जिले के गंगधार कस्बे में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को महर्षि गर्गाचार्य की तपोभूमि प्राचीन गर्गरातटपुरम, गंगधार स्थित छोटी कालीसिंध नदी तट श्री रामघाट पर चौरासी ब्राह्मण समाज एवं सर्व ब्राह्मण समाज गंगधार-चौमहला के तत्वावधान में श्रावणी उपाकर्म का पारंपरिक एवं धार्मिक आयोजन श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ।आयोजन में द्विज बंधुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्री धारण, सर्वौषधि एवं दशविध स्नान, हेमाद्रि महासंकल्प, पंचगव्य सेवन, तर्पण, संध्या-वंदन, नूतन यज्ञोपवीत धारण, गायत्री जाप, देव पूजन, ऋषि पूजन, गुरु पूजन एवं आरती सहित विभिन्न धार्मिक विधियां विधि-विधानपूर्वक संपन्न कीं। इस अवसर पर प्राचीन चौरासी महादेव मंदिर गढ़ से विश्व कल्याण एवं सनातन धर्म के जयघोष के साथ द्विज बंधुओं ने शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा के पश्चात पुनः चौरासी महादेव के दर्शन कर श्रावणी उपाकर्म का समापन किया गया।पूरे आयोजन में वैदिक परंपराओं, धार्मिक आस्था और सनातन संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली। कार्यक्रम का संपूर्ण विधि-विधान आचार्य मथुरेश शर्मा के आचार्यत्व में संपन्न हुआ। श्रावणी उपाकर्म के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय वैदिक परंपरा, संस्कारों और सनातन संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया गया।

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