
भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन आज, बाजारों में सजी राखियों की दुकानें
शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर सजेगी रक्षा की डोर, महंगी शक्कर से मिठाइयों की मिठास पर असर नहीं।
खंडवा। भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। बहनें शुभ मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि की कामना करेंगी। भाई भी बहनों को उपहार देकर जीवनभर उनकी रक्षा और हर परिस्थिति में साथ निभाने का संकल्प लेंगे। पर्व को लेकर शहर के बाजारों में तीन दिनों से चहर पहल बनी रही गुरुवार को दिनभर बाजारों में काफी भीड़ देखी गई राखी से लेकर मिठाइयों की दुकानों पर भी काफी भीड़ देखी गई। रंग-बिरंगी राखियों से सजी दुकानों पर बहनों ने जमकर खरीदारी की।
बाम्बे बाजार से घंटाघर तक सजीं राखियों की दुकानें
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि रक्षाबंधन के चलते शहर के प्रमुख बाजार बाम्बे बाजार, बुधवारा, घंटाघर और नगर निगम क्षेत्र में राखियों की दुकानें सजी हुई हैं। दुकानों पर अलग-अलग डिजाइन और नई वैरायटी की राखियां उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए कार्टून और आकर्षक डिजाइन वाली राखियों के साथ रेशमी, मोती और पारंपरिक राखियों की भी मांग है। बहनें राखी के साथ मिठाई और पूजा सामग्री की खरीदारी कर रही हैं, वहीं भाई बहनों के लिए कपड़े, आभूषण, सौंदर्य सामग्री सहित अन्य उपहार खरीद रहे हैं। सस्ती से लेकर महंगी राखियां भी बाजार में उपलब्ध है जिन्हें बहने खरीद रही है। समाजसेवी एवं प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है। सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनसे रक्षा का वचन लेती हैं। पर्व को लेकर शहर के साथ कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में भी रौनक है।
सुबह 5.57 से 9.48 बजे तक शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर राखी बांधने का उत्तम मुहूर्त सुबह 5.57 बजे से 9.48 बजे तक रहेगा। वहीं शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10.54 बजे से दोपहर 12.28 बजे तक रहेगा। इस अवधि में राखी बांधने से बचने की सलाह दी गई है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार पंचक भी रहेगा, लेकिन इसे रक्षाबंधन के लिए बाधक नहीं माना गया है। भारत में 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा।
शक्कर महंगी जरूर, लेकिन मिठाइयों पर इसका असर नहीं मिठाइयों की दुकान पर भारी भीड़,
रक्षाबंधन के बीच शक्कर के भाव जरूर पड़े हैं लेकिन गुरुवार के दिन मिठाइयों की दुकान पर भारी भीड़ रही और बहने अपने भाइयों के लिए मिठाई खरीदती नजर आई। बाजार में शक्कर के भाव बढ़ने से मिठाई की लागत भी बढ़ गई है। मिठाई कारोबारियों के अनुसार शक्कर के साथ अन्य कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कई मिठाइयों के दाम बढ़े हैं पर ग्राहकी में कोई अंतर नहीं।
दूर रहने वाले भाइयों तक डाक से पहुंच रही राखी
समाज सेवी सुनील जैन ने बताया कि शहर से बाहर रहने वाले भाइयों के लिए बहनों ने डाक और कुरियर के माध्यम से राखियां भेजना शुरू कर दिया है। कई बहनें राखी के साथ मिठाई और शुभकामना संदेश भी भेज रही हैं। इससे दूरियां होने के बावजूद भाई-बहन के रिश्ते की मिठास बरकरार है।
जवानों को भी राखियां भेज रहीं बहनें
रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है। देश की सीमाओं पर तैनात जवानों को भी कई बहनें राखियां भेजकर उनकी सुरक्षा और देश की रक्षा के लिए शुभकामनाएं देती हैं। समाज के जागरूक लोग भी विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं।
प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व
प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि रक्षाबंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी को मजबूत करने का अवसर है। समय के साथ पर्व मनाने के तरीके बदले हैं, लेकिन राखी के धागे में बंधा भाई-बहन का स्नेह आज भी उतना ही मजबूत है। इसी भाव के साथ शुक्रवार को शहर सहित जिलेभर में रक्षाबंधन का पर्व उत्साह और परंपरागत तरीके से मनाया जाएगा।










