राजस्थान

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली में चौमहला के डॉ. कपिल मेहर का असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन

चौमहला/झालावाड़ (आबिद मंसूरी)

चौमहला, झालावाड़। क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में चौमहला निवासी डॉ. कपिल मेहर पुत्र श्री गणेश लाल मेहर (निवासी हरनीखेड़ा) का चयन देश के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है।

 

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्थापित देश का सर्वोच्च आयुर्वेद शिक्षण, अनुसंधान एवं चिकित्सा संस्थान है। अपनी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं, आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं तथा आयुर्वेद के वैश्विक प्रचार-प्रसार के कारण इस संस्थान ने विश्व स्तर पर विशेष पहचान बनाई है। कोविड-19 महामारी जैसी आपदा के दौरान भी संस्थान ने आयुर्वेद आधारित उपचार, अनुसंधान एवं जनस्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से उल्लेखनीय योगदान देकर अपनी उत्कृष्ट कार्यक्षमता का परिचय दिया था।

 

डॉ. कपिल मेहर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुण्डला के सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री गणेश लाल मेहर के पुत्र हैं। वर्तमान में वे भँवर लाल नाहटा स्मृति संस्थान के मंदसौर इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद एजुकेशन एंड रिसर्च, मंदसौर विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

 

डॉ. मेहर जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र रहे हैं तथा उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जयपुर से शालाक्य तंत्र (आंख, नाक, कान एवं गला रोग) विषय में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। डॉ कपिल मेहर इसी वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के 102वे दीक्षांत समारोह में माननीय उपराष्ट्रपति जी की उपस्थिति में पीएचडी उपाधि से सम्मानित हो चुके हैं । अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं शोध कार्यों के बल पर उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा एवं शिक्षा जगत में विशेष पहचान बनाई है।

 

डॉ. कपिल मेहर की इस उपलब्धि से चौमहला सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है। उनकी सफलता को आयुर्वेद चिकित्सा एवं शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। वर्षों की मेहनत, समर्पण और शैक्षणिक उत्कृष्टता के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।

 

*युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत*

परिजनों, मित्रों, चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों तथा क्षेत्रवासियों ने डॉ. मेहर को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि उनकी यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी तथा उन्हें शिक्षा और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देगी।

 

डॉ. मेहर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं परिवार के सहयोग को देते हुए कहा कि वे आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। उनकी इस उपलब्धि ने चौमहला क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

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