
*अमृत 2.0 सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत महापौर ने किया फील्ड निरीक्षण*
गुणवत्ता, सुरक्षा एवं निर्माण कार्य में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
खण्डवा//

महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव के नेतृत्व में अमृत 2.0 सीवरेज प्रोजेक्ट के अंतर्गत शहर में चल रहे सीवरेज कार्यों की प्रगति का फील्ड निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान निगम अध्यक्ष श्री अनिल विश्वकर्मा, एमआईसी सदस्य श्री सोमनाथ काले, श्री राजेश यादव, श्री विक्की भांवरे, पार्षद श्री अरुण यादव, श्रीमती सीमा यादव, श्रीमती सुवर्णा पालीवाल, श्रीमती रानी वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
*जिला क्रमांक 2 के विभिन्न वार्डों में कार्य प्रगति का जायजा*
निरीक्षण के दौरान डिस्ट्रिक्ट क्रमांक 2 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 36, 35, 50 एवं 48 में संचालित कार्यों का अवलोकन किया गया। विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 50 में सीवरेज पाइपलाइन डालने हेतु किए जा रहे उत्खनन कार्य का निरीक्षण किया गया।
*252 किलोमीटर सीवरेज लाइन बिछाने का लक्ष्य*
महापौर ने बताया कि संपूर्ण खंडवा नगरीय क्षेत्र में लगभग 252 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन डाली जानी है। वर्तमान में लगभग 15 किलोमीटर लाइन डाली जा चुकी है तथा करीब 8 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। परियोजना की कुल कार्यावधि 2 वर्ष निर्धारित है।
*गुणवत्ता से समझौता नहीं, क्रैक पाइप पाए जाने पर होगी पुनः खुदाई*
महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में क्षतिग्रस्त या क्रैक पाइपलाइन नहीं डाली जाए। यदि इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित स्थल पर पुनः खुदाई करवाकर पाइपलाइन बदली जाएगी। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता, सार्वजनिक सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
*सीसी रोड की सुरक्षा के लिए तकनीकी सावधानी बरतने के निर्देश*
निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देशित किया गया कि जहां सीसी रोड पर क्रॉस कटिंग की जा रही है, वहां पर्याप्त गहराई एवं तकनीकी सावधानी के साथ खुदाई कार्य किया जाए, ताकि पाइपलाइन क्षेत्र के अतिरिक्त अन्य हिस्सों में सीसी सड़क पर किसी प्रकार की दरार या क्षति उत्पन्न न हो।
*जनहित में समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य प्राथमिकता*
महापौर ने अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसी को निर्देशित किया कि परियोजना का कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए तथा आमजन को न्यूनतम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि अमृत 2.0 परियोजना शहर की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।






