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*संस्कार भारती मालवा प्रांत खंडवा इकाई द्वारा 22 अप्रैल को प्राचीन पंढरीनाथ विट्ठल मंदिर में रंगोली बना कर भू अलंकरण दिवस मनाया गया*।

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संस्कार भारती मालवा प्रांत खंडवा इकाई द्वारा 22 अप्रैल को प्राचीन पंढरीनाथ विट्ठल मंदिर में रंगोली बना कर भू अलंकरण दिवस मनाया गया
इस अवसर पर संस्कार भारती अध्यक्ष विजय सोनी ने बताया कि संस्कार भारती प्रतिवर्ष 22 अप्रैल अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के दिन को रंगोली कला के माध्यम से भू अलंकरण दिवस के रूप में मनाती है। इस वर्ष प्रांत द्वारा भेजे गए प्रारूप में ज्ञान कमल का निर्माण किया गया है, यह ज्ञान कमल हमारी आंतरिक क्षमता और ज्ञान को गहराई से समझने और पहचानने का प्रतीक है। हमें आत्म चिंतन और आत्म विकास की दिशा में प्रेषित करता है। इसके साथ ही भारत के विभिन्न प्रांतो की पारंपरिक रंगोली शैलियों जैसे मांडना,मुग्गू, अल्पना, संस्कार भारती की केंद्र वर्धिनी शैली और तमिलनाडु की कोलम को जोड़ते हुए एक सुंदर श्रृंखला का प्रस्तुतीकरण किया गया है। यह विविधता में एकता के भाव को प्रकट करती है और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाती है। भारतीय संस्कृति की यह नित्य नवीन रंगोली हमें स्वबोध और आत्म जागरूकता की ओर अग्रसर होने का एक सशक्त माध्यम प्रदान करती है।
महामंत्री मोनिका पालीवाल, उपाध्यक्ष बीना शाह एवं दृश्य कला विधा संयोजक धर्मेंद्र जौहरी द्वारा प्रांत से प्राप्त प्रारूप को रंगोली से बनाया गया। अनिल बाहेती ने बताया कि आगामी माह में संस्कार भारती द्वारा रंगोली की कार्यशाला की जाएगी। इस अवसर पर संरक्षक योगेश कोटवाले ,मनोज जोशी, शर्मिष्ठा तोमर, श्याम आष्टेकर , राम आष्टेकर एवं संस्कार भारती सदस्य उपस्थित थे।आभार साहित्य विधा प्रमुख पण्डित आलोक शुक्ला ने माना।

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