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भगवान नरसिंह ‘दहेज’ लेकर आ रहे कन्यादान करने!

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भगवान नरसिंह ‘दहेज’ लेकर आ रहे कन्यादान करने!

गणेश गौशाला में प्रसिद्ध कथावाचक ‘नानी बाई रो मायरो’ में तपती दोपहर को भी भारी भीड़

खंडवा। 43 डिग्री तापमान और दोपहर का वक्त। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़। आने वाले आस्थावानों के माथे पर ना पसीने की बूंदें। ना ही कोई शिकन। सब में दिख रहा है उत्साह, वह भी आध्यात्मिक रंग में डूबने का।
दादाजी दरबार रोड स्थित गणेश गौशाला में एक अनोखा माहौल दिख रहा है। यह स्थल गौ-सेवा के लिए तो प्रसिद्ध है ही, यहां परिसर बड़ा होने के कारण विवाह आयोजन भी होते रहते हैं।

आस्थावानों की भारी भीड़
इस बार 5 दिन का अनोखा विवाह नानी बाई का हो रहा है। निर्धन कन्या के पिता के पास दहेज के डिमांड के लिए कुछ भी नहीं है। गांव वाले विवाह कर रहे हैं। बड़ी बात यह है कि दहेज लेकर खुद भगवान नरसिंह आ रहे हैं। इसी के कारण आस्थावानों की भीड़ जुट रही है।

आध्यात्मिक युवा संत हैं कृष्णप्रिया

समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि नानी बाई रो मायरो कथा का आकर्षक दीदी की सरल सहज वाणी के साथ प्रस्तुतीकरण नाटक सजीव झांकी और संगीत मंडली के साथ प्रसिद्ध कथा वाचक कृष्ण प्रियाजी कर रही हैं। आपको बता दें कि कृष्णप्रिया विश्व की बड़ी व अनोखी कथा करने वाली अत्याधुनिक युवा संत हैं। इन्होंने चारों धाम के मंदिरों और 15 से अधिक बड़े धर्मस्थलों पर कथा की है। 5 वर्ष की आयु से कथा कर रही हैं। खंडवा जिले में भी कई कथाएं हो चुकी हैं। अब तक वे 1700 से अधिक कथाएं कर चुकी हैं। 500 के लगभग कथाओं का चैनलों पर सीधा प्रसारण हुआ है।

खंडवा की भूमि में आध्यात्मिक खिंचाव
खंडवा शहर में उनकी कथा ‘नानी बाई रो मायरो’ पर विशेष दिलचस्पी रखती हैं! इसका कारण बताते हुए कृष्ण प्रियाजी कहती हैं, कि खंडवा की भूमि में अद्भुत और आध्यात्मिक खिंचाव है। दादाजी जैसे बड़े संत यहां अंतिम समय में चले आए। उनके इस धरा पर चरण पड़े । मैं यहां दादाजी महाराज एवं गौ माता के सानिध्य में कथा करके खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। यह स्थल तपोभूमि है।

खंडवा में ही कथा क्यों?
आपको बता दें कि कृष्णप्रिया का लगाव दादाजी से शुरू से ही रहा है। गौसेवा उनका प्रारंभिक ध्येय हैं। मां नर्मदा को पवित्र रखना व आर्थिक असमानता को दूर करना भी बड़ा लक्ष्य है।

थ्री स्टार व्यवस्थाएं

सुनील जैन समिति एवं कथा संयोजक आशीष चटकेले ने बताया कि गणेश गौशाला में पूर्व निमाड़ सामाजिक सांस्कृतिक सेवा समिति पांच दिवसीय नानी बाई रो मायरो कथा का आयोजन कर रही है। तपती दोपहर में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। आयोजन में श्रद्धालुओं के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां बड़ा डोम लगाया गया है। इसमें 35 से अधिक जंबो कूलर, सैकड़ों पंखे और स्प्रिंगक्लर के माध्यम से शीतल हवा देने के लिए पानी के फव्वारे लगाए गए हैं। अंदर बैठे श्रद्धालु संत कृष्ण प्रिया जी के शब्दों का जादू सुनकर कथा में मगन हो जाते हैं। शीतल हवाओं में भी उन्हें समय का पता ही नहीं चलता।

शब्दों के जादू की ताकत
पहले ही दिन से पूरा पंडाल हाउसफुल जा रहा है। नानी बाई रो मायरो कथा सबको पता भी है और कई बार सुनी भी है, लेकिन आकर्षक प्रस्तुति और दीदी कृष्णप्रिया के शब्दों का जादू आए हुए अतिथियों को भाव विभोर कर देता है।

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