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“महंगाई की मार, टैक्स की बौछार… और ‘अमृतकाल’ का प्रचार!”

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“महंगाई की मार, टैक्स की बौछार… और ‘अमृतकाल’ का प्रचार!”

रसोई गैस महंगी, टैक्स में बढ़ोतरी से बिगड़ा घर का बजट – शिवसेना का सरकार और नगर निगम पर हमला
खंडवा। बढ़ती महंगाई और लगातार बढ़ रहे टैक्स को लेकर शिवसेना ने सरकार और स्थानीय निकायों पर तीखा हमला बोला है। शिवसेना प्रमुख गणेश भावसार ने कहा कि एक तरफ रोजमर्रा की खाने-पीने की चीजें महंगी होती जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर रसोई गैस के दाम बढ़ने से आम परिवारों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। इसके बावजूद सरकार “अमृतकाल” के दावे कर रही है।
भावसार ने कहा कि आम आदमी की आय सीमित है, लेकिन खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं। टैक्स के नाम पर जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है, जबकि सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधि आम लोगों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई की मार से आम आदमी बुरी तरह परेशान है।
उन्होंने नगर निगम पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि निगम लगातार भारी-भरकम टैक्स वसूल रहा है, लेकिन सुविधाएं देने के मामले में पीछे है। शहर की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, जबकि टैक्स में हर साल बढ़ोतरी की जा रही है।
रसोई गैस की समस्या का जिक्र करते हुए भावसार ने कहा कि गैस सिलेंडर की बुकिंग कराने के बाद भी लोगों को 20 से 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे आम परिवारों की रसोई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय राजनेताओं ने रोटी, कपड़ा और मकान जैसे बुनियादी वादे किए थे, लेकिन आज भी आम जनता इन सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। नगर निगम और नगर पंचायतें साल दर साल टैक्स बढ़ा रही हैं, जबकि जनप्रतिनिधि केवल भाषणों में विकास की बातें कर रहे हैं।
भावसार ने कहा कि अब जनता महंगाई और बढ़ते टैक्स से तंग आ चुकी है और सरकार से निराशा बढ़ती जा रही है।

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