


रिपोर्टर = भव्य जैन
झाबुआ।
आत्मनिर्भर भारत–आत्मनिर्भर झबुआ अभियान के अंतर्गत वयं गुरुकुलम विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए एक नवाचारी एवं संस्कार प्रधान शैक्षणिक गतिविधि का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध टेशू के फूलों का उपयोग करते हुए बच्चों ने उन्हें एकत्रित किया, सुखाया, पीसा तथा उनसे पूर्णतः प्राकृतिक होली रंग तैयार किया।
इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता का व्यवहारिक ज्ञान दिया गया। बच्चों ने स्वयं तैयार किए गए प्राकृतिक रंगों से होली खेली, जिससे यह संदेश गया कि उत्सव भी प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर मनाए जा सकते हैं।
इस अवसर पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास में आत्मनिर्भर भारत विषय के राष्ट्रीय संयोजक एवं विद्यालय के संचालक ओम शर्मा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना बच्चों में सृजनशीलता, श्रम के सम्मान और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने से ही साकार होती है। इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर जीवनोपयोगी कौशल प्रदान करती हैं।
विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को अनुभवात्मक शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।









